फिलिप्स इंडिया ने डॉ भरत महरोत्रा, कंसल्टैंट, चेस्ट एवं पल्मोनरी विभाग, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर के सहयोग से स्लीप डिस्ऑर्डर के निदान के लिए शहर में एक निशल्क जाँच शिविर का आयोजन किया। पिछले कुछ दशकों में जीवनशैली से संबंधित बीमारियों में हो रही वृद्धि के चलते स्लीप डिस्ऑर्डर जैसे आब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया, ओएसए या स्लीप एप्निया से पीड़ित लोगों की संख्या स्थिर रूप से बढ़ रही है।ओएसए नींद से संबंधित श्वास की समस्या है जिसमें नींद के दौरान सांस थम जाती है। इस बीमारी के लक्षण दिन में और रात में अलग होते हैं। दिन में होने वाले स्लीप एप्निया के लक्षणों में दिन में नींद आते रहना या फिर थकावट रहना, सुबह सरदर्द होना, ध्यान केंद्रित न कर पाना और चिड़चिड़ाहट होना शामिल है।रात में स्लीप एप्निया के लक्षणों में जोर से खर्राटे लेना, जो कमरे से बाहर भी सुनाई दें, बार बार पेशाब आना, गला सूखना और नींद के दौरान हाँफना शामिल हैं। डॉ भरत महरोत्रा ने बताया, ‘‘नींद की समस्याओं जैसे स्लीप एप्निया का हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर होता है। मरीज समुदाय के बीच इन समस्याओं की जागरुकता का बढ़ाया जाना और उन्हें सशक्त बनाया जाना जरूरी है, ताकि वो अपनी नींद को नियंत्रण में लें और स्लीप की समस्याओं का समाधान कर सकें।
Editor In Chief-Naresh Singh


















