.74 वें गणतंत्र दिवस पर गौरक्षा वाहिनी के राष्ट्रीय कार्यालय पर तिरंगा फहराकर ,माता सरस्वती का हुआ पूजन….
— बसंत पंचमी पर विद्या बुद्धि की अधिष्ठात्री माता सरस्वती से की गई देश वासियों के…स्वस्थ जीवन एवम सुख समृद्धि की कामना
— धूमधाम से मनाया गया बसंत पंचमी वा गणतंत्र दिवस कार्यक्रम
—
कानपुर 26 जनवरी । भारत के 74 वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में 26 जनवरी 2023 दिन गुरुवार को स्थान : 111/361 – अशोक नगर निकट एन.एल.के. इंटर कालेज स्थित ” राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौ सेवा संघ” के तत्वावधान में राष्ट्रीय कार्यालय पर समय : प्रातः 11 बजे , कार्यक्रम का आयोजित किया गया । राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय कार्यालय में गौ रक्षा वाहिनी श्री संजीव सिंह सेंगर राष्ट्रीय अध्यक्ष , श्री सुनील कुमार शुक्ला ,राष्ट्रीय महामंत्री की उपस्थिति में देश की शान वा पहचान तिरंगा फहराकर सलामी दी गई वही झंडा रोहण कार्यक्रम के उपरांत बसंत पंचमी पर्व के अवसर पर भी स्वर की अधिष्ठात्री देवी माता वागीश्वरी सरस्वती माता की तस्वीर पर पुष्प माला अर्पण कर देश वासियों के स्वस्थ वा सुखी जीवन की कामना की गई । इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री सुनील शुक्ला ने कहा की देश में पहला गणतंत्र दिवस वर्ष 1950 में मनाया गया था। जब डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने भारत के राष्ट्रपति के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया था तब से लेकर भारत देश 26 जनवरी 2023 को इस बार अपना 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है।साल 1947 में देश को ब्रिटिश राज से आजादी मिली, लेकिन उसका अपना संविधान नहीं था। 26 जनवरी 1950 को भारत को अपना संविधान मिला। संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर ने संविधान की प्रारूप समिति की अध्यक्षता की तब से देश गणतंत्र घोषित हो गया था, इसलिए इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा संविधान है जिसमें 444 लेख 22 भागों में विभाजित हैं, और 12 अनुसूचियां आज तक 118 संशोधनों के साथ हैं। जिनका अनुपालन हम सभी को भारतीय विधि के अनुरूप सदैव अनुपालन करना चाहिए । इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने झंडा रोहण के उपरांत राष्ट्र ध्वज को सलामी देने के उपरांत सभी देश वासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बसंत पंचमी के अवसर पर माता स्वर की देवी सरस्वती के चित्र पर पुष्प माला अर्पण कर उनकी पूजा अर्चना भी को और कहा की बसंत पंचमी का पर्व मां सरस्वती के अवतरण दिवस में रूप में मनाया जाता है। हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी मनाई जाती है। हम सभी हिंदू सनातनी जन भगवती के इस स्वेत वर्ण स्वरूपा माता सरस्वती का पूजन अपने चित्त की शुद्धि वॉक पटुता एवम बुद्धि विद्या ज्ञान की प्राप्ति हेतु उनका पूजन करते है माता से कामना है को समस्त देश वासियों को मां वागीश्वरी स्वर विद्या वा शुद्ध बुद्धि प्रदान करें।
आज श्रष्टि शुभारंभ के इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री सुनील शुक्ला ने मां वागीश्वरी के चरणो में प्रणाम करते हुए कहा की “राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौरक्षा संघ” द्वारा संपूर्ण देश में गौ मित्र जोड़ने के इस महा अभियान का भी शुभारंभ किया गया गया ।
इस अवसर पर मुख्य रूप से
, प्रदेश अध्यक्ष सीतेश सिंह , प्रदेश प्रभारी पंकज सिंह ,राजावत सहित कार्तिक शुक्ला , कृष्णा शुक्ला ,पंडित कमल मिश्रा,सुधीर शुक्ला “धीरू कार्यालय प्रभारी ,अरुण जोशी ,डिंपल सहित राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी गौ सेवा संघ के सभी पदाधिकारी गण मौजूद रहे ।


















