बृजेश क्षमा मिशन के द्वारा नीलकंठ गेस्ट हाउस फत्तेपुर में सत्संग का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य प्रवक्ता एवं आध्यात्मिक शिक्षक एस बी के भईया ने संबोधन में बताया कि आध्यात्मिक भावनाओं का उदय हुए बगैर परोपकार की भावना का विकास नहीं होता है अच्छे संस्कार के बिना मनुष्य के द्वारा अच्छे कर्म नहीं हो सकते परोपकार से बढ़कर कोई उत्तम कर्म नहीं और दूसरों को कष्ट देने से बड़ा कोई नीच कर्म नहीं परोपकार की भावना ही वास्तव में मनुष्य को मनुष्य बनाती है किसी वास्तविक अभावग्रस्त व्यक्ति को निस्वार्थ भाव से अभाव की पूर्ति के बाद जो संतुष्टि प्राप्त होती है इससे उसकी जीव की आत्मा का विस्तार होता है और वह जन-जन के कल्याण की ओर अग्रसर होता है कार्यक्रम व्यवस्थापक महेंद्र शर्मा ने बताया कि विगत कई वर्षों से बृजेश क्षमा मिशन के द्वारा उत्तर प्रदेश समेत अन्य प्रदेशों में लाखों लाख भक्त मिशन से जुड़ चुके हैं कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं भक्त भजनों पर झूमते नजर आए व्यासपीठ से एस बी के भईया ने बताया कि प्रकृति सृष्टि की नियामक है जिसने अनेक प्रकार की प्रजातियों की रचना की है और उन सभी प्रजातियों में सर्वश्रेष्ठ प्रजाति मनुष्य की है जिसको पाकर जीव मुक्ति को प्राप्त हो सकता है मानव शरीर के मुख्य द्वार जिव्हा पर हम राम राम को रखकर इस संसार सागर से पार हो सकते हैं यही बात वेद शास्त्र भी कहते हैं इस दौरान मुख्य रूप से बृजेश तिवारी पंकज तिवारी पंकज शुक्ला जितेंद्र कुटलेहरिया आशुतोष मिश्रा हिमांशु उम्र दशरथ राज श्याम अभिषेक तिवारी शुभम कीर्ति स्वाति ज्योति सहित सैकड़ों की तादाद में भक्त मौजूद रहे
बृजेश क्षमा मिशन के द्वारा सत्संग में भजनों पर झूमे भक्त


















