उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद कई जिलों को स्मार्ट सिटी घोषित किया गया था। इन जिलों में कानपुर भी शामिल है। कानपुर कहने को तो स्मार्ट सिटी का दर्जा हासिल कर चुका है, अब तो कानपुर मेट्रो सिटी भी कहलाने लगा है। लेकिन हकीयत यह है कि कानपुर के कई क्षेत्र ऐसे है कि जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। जो अपनी बदहाली पर ऑंसू बहा रहा है।
कानपुर की चर्चित महाराजपुर विधानसभा के वार्ड 41 राजीव विहार सुभाष चिल्ड्रेन्स होम के आसपास का इलाका वर्ष 1990 से विकास की राह देख रहा है। कोई व्यक्ति यदि चंद्रमा पर जाने की चाह रखता है तो वह चन्द्रमा पर जाने की बजाए इस क्षेत्र की सड़कों का भ्रमण करले फर्क सिर्फ ग्रेविटी का ही होगा। बाकी गड्ढे हूबहू उसी तरह मिलेंगे।
इन क्षेत्रों की सड़कों में गड्ढे नही है बल्कि गड्ढों में ही सड़क है।
इस क्षेत्र के विधायक सतीश महाना जी है जो मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष भी है। इनके क्षेत्र की ऐसी दुर्गति है कि सड़क आज तक नही बनी, नाली नही बनी, सड़को में बारिश का गंदा पानी हमेशा भरा रहता है,
इस समस्या के विषय में क्षेत्र के रहने वाले प्रदीप, शहाबुद्दीन, नूर अली, सद्दाम हुसैन, सुनील व अन्य लोगो ने क्षेत्र में न हुए विकास कार्यों के बारे में बताते हुए अपना दर्द बयां किया बताया कि इस क्षेत्र का विकास वर्ष 1990 से नही हुआ है।
सांसद से लेकर विधायक, विधायक से लेकर पार्षद के पास सैकड़ो पर क्षेत्र की समस्या को लेकर गए विकास के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिया गया।
वही इलाकाई लोगों ने इस बार नगर निकाय चुनाव में चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया है। साथ ही प्रदेश के मुखिया से अपनी व इस क्षेत्र की समस्या के समाधान के लिए गुहार लगाई है।
वार्ड 41 के राजीव बिहार में वर्ष 1990 से नही हुआ विकास कार्य, इलाकाई लोगों ने बयाँ किया अपना दर्द


















