कानपुर के हलीम मुस्लिम इंग्लिश स्कूल पर कब्जे का विवाद गहरा गया है। स्कूल की प्रिंसिपल सबा खान और यहां की टीचरों ने स्कूल पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही पूर्व महामंत्री मुस्लिम एसोसिएशन अब्दुल हसीब पर आरोप लगाया गया है कि सोमवार को जब छात्र छात्राएं स्कूल में परीक्षा दे रहे थे तो जबरन स्कूल पर कब्जा करने का काम किया गया। हसीब स्थानीय पुलिस और अपने 20 साथियों के साथ स्कूल पहुंचा और हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन के क्रम में स्कूल में जबरन घुसने की कोशिश की। दरअसल मुस्लिम एसोसिएशन कानपुर द्वारा छह विद्यालय संचालित किए जाते हैं। जिसमें से एक विद्यालय हलीम मुस्लिम इंग्लिश स्कूल है जो सीबीएसई बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त है और किसी भी तरह की सरकारी सहायता संस्था को नहीं मिलती है। ये निजी विद्यालय है जो कि मुस्लिम एसोसिएशन द्वारा संचालित किया जाता है। आरोप है कि कई बार अब्दुल हसीब जो इस संस्था का पूर्व महामंत्री रहा है उसके द्वारा स्कूल में कब्जे की घटना को अंजाम दिया जा चुका है। इसे लेकर तमाम मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है इस मामले में आज करीब 50 से ज्यादा शिक्षिकाएं पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड के दफ्तर पहुंची और उन्होंने अब्दुल हसीब द्वारा सोमवार को एक बार फिर से स्कूल पर जबरन कब्जा करने की पूरे घटनाक्रम का विवरण दिया। शिक्षकों के साथ आई हलीम मुस्लिम इंग्लिश स्कूल की प्रिंसिपल सबा खान की मानें तो जिस वक्त आरोपी अब्दुल हसीबअपने 20 25 साथियों के साथ स्कूल पहुंचा था उस वक्त स्कूल में बच्चे एग्जाम दे रहे थे। ऐसे में यह कतई जायज नहीं है कि अब्दुल हसीब पुलिस को लेकर स्कूल में इस तरह पहुंचे। इस मामले में पुलिस का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के क्रम में पुलिस के साथ गई थी।
कानपुर के हलीम मुस्लिम इंग्लिश स्कूल पर कब्जे का विवाद गहरा गया


















