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भारतीय राजनीति में दीनदयाल संस्कृत के सच्चे राजदूत…ज्योति बाबा

कानपुर । पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्र के सजग प्रहरी व सच्चे राष्ट्रभक्त के रूप में भारतवासियों के सदैव प्रेरणा स्रोत रहें है, भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कई मौकों पर कहा है कि सामाजिक जीवन में एक नेता को कैसा होना चाहिए ,भारत के लोकतंत्र और मूल्यों को कैसे जीना चाहिए दीनदयाल जी इसके बहुत बड़े उदाहरण हैं राष्ट्र के विकास के संदर्भ में दीनदयाल उपाध्याय जी का मानना था किसी भी राष्ट्र का विकास अपनी जड़ों से कटकर नहीं हो सकता है भारत की जड़ों से जुड़ी ही राजनीति ,अर्थनीति एवं समाज नीति ही भारतवर्ष के भाग्य को बदलने का सामर्थ्य रखती है उपरोक्त बात नशा मुक्त समाज आंदोलन अभियान कौशल के तहत सोसायटी योग ज्योति इंडिया के तत्वाधान में नमो-नमो क्रांति फाउंडेशन,वरदान फाउंडेशन व मिदास परिवार के सहयोग से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा के उपरांत हुई! बल्कि भारतीय राजनीति में संस्कृत के सच्चे राजदूत थे श्रद्धांजलि सभा में अन्य प्रमुख सर्वश्री पंडित सुमित शास्त्री, यज्ञ कांत शुक्ला,रामस्वरूप वर्मा,राजा राठौर,अशोक श्रीवास्तव, दुर्गा प्रसाद साहू, संघप्रिय प्रजापति इत्यादि थे।

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