कानपुर,घण्टाघर स्थित गणेश मंदिर में घर-घर पहुचाएंगे श्रीरामचरितमानस सप्रेम भेंट अभियान का द्वितीय चरण बुधवार को किया गया।धार्मिक पुस्तक रामचरितमानस को लेकर काफी विवाद हो रहा है।हाल में सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य भी रामचरित्रमानस पर विवादित टिप्पणी कर बुरा फंस गए हैं।सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस को बैन कर दिए जाने की बात कही है। इसके बाद प्रदेश में भी राजनीति गरमा गई है।अनिल मिश्रा ने बताया कि रामचरितमानस तो समाज को जोड़ने का ग्रंथ है,तोड़ने का नहीं।इस तरह की बयानबाजी कर रहे लोग सस्ती लोकप्रियता पाने की कोशिश करते हैं रामचरितमानस ग्रंथ से सभी की आस्था जुड़ी हुई है।यह ऐसा ग्रंथ है,जिसमें सबसे बड़े त्याग का वर्णन किया गया है।श्रीराम अयोध्या राज्य अपने अनुज भरत को सौंपना चाहते हैं,वहीं भरत अपने बड़े भाई श्रीराम प्रभु को ही राज्य सौंपने की बात कहते हैं।सारा जीवन उनकी सेवा और उनके चरणों में बिताने की बात कहते हैं।यह ग्रंथ अटूट प्रेम,सौहार्द और मित्रता की भी मिसाल है।जहां श्रीराम प्रभु ने कोल,भीलो और सबरी को गले लगाया।वहीं निषाद राज और श्रीराम प्रभु की मित्रता का सबसे बड़ा प्रमाण भी है।करोड़ों लोग घर-घर में रामचरितमानस का पाठ करते हैं और उसे अपने घर के मंदिरों में रखते हैं। रामचरितमानस घर-घर में लोकप्रिय है।बावजूद इसके यदि कोई रामचरितमानस पर इस तरह की टिप्पणी करता है तो यह हास्यास्पद है।सिर्फ एक चौपाई से न निकाले अर्थ नीरज चतुर्वेदी ने बताया कि लोग अपनी अपनी समझ के अनुसार इन चौपाइयों का अर्थ निकाल लेते हैं और विवाद को जन्म देते हैं।यदि उन्हें इसकी सही और सटीक जानकारी प्राप्त करनी है और इन ग्रंथों को पढ़ना होगा, सिर्फ एक चौपाई का अपने हिसाब से अर्थ निकाल कर उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।जहां प्रत्येक चौपाई का अर्थ समझाया गया है। यदि उसका अध्ययन कर लिया जाए तो सारी स्थितियां स्पष्ट हो जाएंगी।इस मौके पर पनकी मंदिर महाराज कृष्णा दास,अनिल मिश्रा,पूर्व विधायक नीरज चतुर्वेदी,राकेश तिवारी,अजय पोरवाल,भोला नाथ शुक्ला, लक्ष्मी कोरी,आशु टंडन, विनीत मिश्रा,रमन शास्त्री, अमरनाथ गुप्ता,सतीश तिवारी,राहुल सिंह,मंगला चतुर्वेदी,नीतू सिंह आदि मौजूद रहे।
घण्टाघर स्थित गणेश मंदिर में घर-घर पहुचाएंगे श्रीरामचरितमानस सप्रेम भेंट अभियान का द्वितीय चरण बुधवार को किया गया


















