कानपुर में जिला जज के खिलाफ कानपुर बार एसोसिएशन ने मोर्चा खोल रखा है। हड़ताल के एलान के बाद भी अदालतों में जाकर कार्य करने वाले 18 अधिवक्ताओं को बार एसोसिएशन ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बता दें कि भाईदूज पर स्थानीय अवकाश घोषित न करने, बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में न्यायिक अधिकारियों के शामिल न होने व जिला जज द्वारा बार-बेंच के बीच समन्वय न रखने के आरोप में एसोसिएशन की ओर से न्यायिक कार्य के बहिष्कार की घोषणा की गई है,,
आपको बता दे कि बार एसोसिएशन के महामंत्री अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि बहिष्कार के बावजूद कई अधिवक्ताओं ने अदालतों में जमानत प्रार्थना पत्रों पर बहस व अन्य न्यायिक कार्य भी किए,,इन अधिवक्ताओं को कारण बताओ नोटिस भेजकर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संस्था से सदस्यता खत्म करने पर फैसला लिया जाएगा,,वही अधिवक्ता नरेश मिश्रा ने जिला पर कई आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति को पत्र भेजा है। इसमें एक दीवानी और एक फौजदारी मुकदमों में हुए आदेश का हवाला भी दिया है। इसकी सूचना उन्होंने बार एसोसिएशन को भी दी है। एक पत्र हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति को भेजकर जिला जज के ट्रांसफर की मांग की है,,वही आपको बता दे कि सात व आठ मार्च को अदालतों में होली की छुट्टी थी,, 9 व 10 को अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया है,,11 को माह का द्वितीय शनिवार, 12 को रविवार और 13 को गंगा मेला का न्यायालयों में अवकाश घोषित है। इसके चलते 14 मार्च से ही अदालतों में नियमित कामकाज हो सकेगा,,,


















