कानपुर। राष्ट्रीय विकलांग पार्टी ने आज विकलांग उत्पीड़न के विरोध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में धरना देकर घाटमपुर के विकलांग नफीस अहमद, थाना कोहना के सुनील झा, थाना बिधनू के प्रेम कुमार तिवारी, थाना कल्यानपुर की रूबी सोनकर, थाना नौबस्ता के शैलेष सिंह, थाना बाबूपुरवा के धीरेन्द्र कुमार केसरवानी को उत्पीड़न से मुक्त करवाने की मांग की है। अधिकारियों से न्याय दिलाने का भरोसा मिला है। राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर विकलांगजनो को उत्पीड़न से मुक्त कराने के लिए पुलिस अधीक्षक अपराध को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इसके बावजूद दिव्यांगजनो को थाने स्तर पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। थाने स्तर पर विकलांग व्यक्तियों की रिपोर्ट नहीं दर्ज हो रही है। घाटमपुर के कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी न्याय का आश्वासन देने के बाद भी भाजपा नेताओं के दबाव में नेत्रहीन नफीस अहमद को न्याय नहीं दे पा रहे हैं। थाने स्तर पर न्याय न मिलने के कारण पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मजबूरी में धरना देना पड़ा है और पुलिस आयुक्त कानपुर को ज्ञापन सौंपा गया है। वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि विकलांग व्यक्तियों को विकलांगजन अधिनियम 2016 के तहत न्याय न मिला तो सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना पड़ेगा। जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि विकलांग व्यक्तियों को न्याय दिलाने तक आन्दोलन जारी रहेगा। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पीड़ित विकलांग व्यक्तियों को न्याय दिलाने के लिए ठोस त्वरित कार्यवाही करें। अन्यथा अनशन शुरू किया जायेगा। गांधीवादी रास्ते पर चलकर राष्ट्रीय विकलांग पार्टी आन्दोलन करेगी और विकलांग व्यक्तियों को न्याय दिलायेगी। धरना देने वालों में वीरेन्द्र कुमार, राहुल कुमार, प्रमोद मिश्रा, मोहित सविता, अल्पना कुमारी, अरविन्द सिंह, आनन्द तिवारी, प्रोफेसर वीएन पाल, अशोक कुमार, शिव देवी सिंह चैहान, कान्ती देवी कुशवाहा, दिलीप कुमार, पवन राने, गुड्डी दीक्षित, बंगाली शर्मा, राम कुमार गुप्ता, गंगा सागर आदि शामिल थे।
Editor In Chief-Naresh Singh


















