कानपुर
सेकंड वल्र्ड वॉर के बाद भारतीय सेना के आयुध बेड़े में शामिल किया गया दस किलोग्राम वजन का 84 एमएम रॉकेट लॉन्चर 700 मीटर दूर स्थित बंकर को कुछ ही सेकंड में ध्वस्त कर सकता है,,, 21 सौ मीटर दूर तक की रोशनी करने के लिए भी इसका उपयोग होता है,,,यह 1971 में स्वीडन से खरीदा गया था,,, इसका इस्तेमाल एन्टी-टेरेरिस्ट ऑपरेशंस के दौरान किया जाता है,,,यह सब देखने को मिला भारतीय थल सेना में इस्तेमाल होने वाले हथियारों के डिस्प्ले में,,,जहा पर राकेट लांचर के साथ ही अन्य हथियारों के बारे में एनसीसी कैडेट्स को जानकारी दी,,,
कैंप कमांडर अविनाश शर्मा ने बताया की ट्रेनिंग के बहुत से आयाम है,,,जिसको एनसीसी कैडेट्स को अवगत कराया जा रहा है,,,उन्होंने आर्मी के जो हथियार है उनकी जानकारी एनसीसी कैडेट्स को दी गई है,,,।


















