कानपुर
पहाड़ो में हो रही लगातार बारिश के कारण एक बार फिर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच चुका है। जिसके चलते कानपुर समेत आसपास के इलाको में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
कानपुर में गंगा किनारे बसे कई गांवों का जायजा लिया गया तो, जिला प्रशासन के सारे दावों की हकीकत सामने आ गई।
आपको बताते चलें कि, कटरी क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ से प्रभावित है। जिनमे शिवदीनपुरवा, चंदीपुरवा, पुराना डल्ला पुरवा,भोपाल पुरवा, दुर्गा पुरवा, गिल्ली पुरवा,बनिया पुरवा, आदि है। यहाँ रहने वालों की माने तो लगातार तीन दिनों से गांव में पानी भरा हुआ है, उसके बावजूद इनकी सुध लेने न ही कोई नेता पहुँचा और न ही जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी। हालांकि बाढ़ आने के पहले ही जिला प्रशासन बाढ़ से निपटने के तमाम दावे करता है, लेकिन इन बेबस गांव वालों की माने तो इनकी मदद को अभी तक कोई आगे नही आया।
ग्रामीणों ने बताया कि, बाढ़ के कारण उनकी फसलें नष्ट हो गई है। उनका कहना है कि, पानी लगातार बढ़ रहा है आशंका है कि 24 घण्टो में पानी उनके घरों में भर जाएगा। कुछ गांव वालो ने बताया कि, बैराज बिठूर हाइवे पर वह लोग टेंट लगा रहे है, अगर घरों में पानी घुसता है तो वह परिवार समेत वही रहने को मजबूर होंगे। वहीं, शिवदीन पुरवा गांव में रहने वाले अशोक ने बताया कि, गांव वालों ने स्वयं ही बंधा बनवा दिया है, जिससे गांव में पानी न घुसे, लेकिन यही स्थिति रही तो बंधा भी जल्द ही टूट जाएगा। आपको बताते चलें कि, गांव वालों का आरोप है कि, वह लोग बाढ़ के खतरे से जूझ रहे है, लेकिन जिला प्रशासन को उनकी कोई फिक्र नही है।


















