पहाड़ों में मूसलाधार बरसात के कारण गंगा का जलस्तर 114 मी. हो गया। गंगा का पानी तेजी से बढ़ने के कारण 100 से अधिक गांव गंगा के पानी से प्रभावित हो गए हैं। खतरे के निशान के उपर गंगा का पानी पहुंच गया है। बिजली व्यवस्था रोक दी गई है। कटरी क्षेत्र में बने स्कूल बंद हो गए है। लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। राशन लाने के लिए नाव से सफर करना पड़ रहा है.. लोग अपनी जान जोखिम में डालकर मजदूरी करने जा रहे है… सड़कों और घरों में पानी घुसने से सैकड़ो परिवार पलायन कर चुके है.. घरों में जहरीले जीव घुस रहे है.. इलाके के लोगों ने बताया कि मंगलवार की सुबह एक नाबालिक बच्चे के सांप ने काट लिया था.. अच्छा हुआ मौजूद लोगों ने देख लिया और उसका जहर बाहर निकाला जिससे मासूम की जान बच सकी।.. वही आपदा के अवसर पर लोगों ने कमाई का जरिया बना लिया है.. इलाके के लोगों का कहना है कि इस मुसीबत की घड़ी में न तो जिलाधिकारी न तो कोई सरकारी मदद मिल रही.. ऐसे में मजबूर लोग घर छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे है.. वही नाव चालक मनमानी रूप से किराया वसूल रहे है.. बाढ़ के 15 दिन हो गए हैं लेकिन अभी तक कोई सरकारी अफसर नहीं आया.. गांव के प्रधान भी गायब है.. चुनाव से पहले बड़े-बड़े दावे किए थे आज मुसीबत की घड़ी है तो गायब हो गए…
घर छोड़ने को लोग हुए मजबूर नही छोड़ते तो शायद जान से जाते


















