कानपुर –
जाजमऊ में हजरत मखूदम शाह आला का उर्स था और लोगों की जुबान से इसी तरह के शेर निकल रहे है। उर्स के दौरान लोग अकीदत से सिर झुकाए मखदूम शाह आला के दरबार में हाजिरी दे रहे है। उर्स के दौरान मुल्क में खुशहाली, तरक्की, दहशतगर्दी से निजात की दुआ की गई।
आज मखदूम शाह आला जाजमऊ में आज बहुत ही इज़्ज़त ओ एहतराम से उर्स ए पाक मनाया जाता है जिसकी शुरुआत नात पाक पढ़ कर किया गया अदनान राफे फारूखी सज्जाद नशी मखदूम शाह आला की मौजूदगी में अम्न और मोहब्बत के पैकर हज़रत मखदूम शाह आला का 760वां उर्स धूम धाम से मनाया गया।
मौलाना साकिब अदीब मिजभाही साहब ने बताया कि हज़रत मखदूम शाह आला ने अपने 60 साल का जीवन जाजमऊ में बिताया 27 सफर को आप दुनिया से पर्दा कर गए आप का इतिहासिक मजार जाजमऊ में बना हुआ है । यहाँ हर धर्म के लोग आते है और जायज दुवा मांगने वाले इससे फैज़ पाते है।
हजरत मखदूम शाह आला की दरगाह आस्था का बड़ा केंद्र है और यहां पर दूर-दूर से लोग उसमें शामिल होने पहुंचते हैं


















