कानपुर। बीते दिनों सिख व्यापारी अमोल दीप के साथ की गई मारपीट के बाद से फरार चल रहे भाजपा पार्षद पति अंकित शुक्ला व 4 अन्य अभियुक्तों ने आज नाटकीय ढंग से जॉइंट पुलिस कमिश्नर के सामने सरेंडर कर दिया। इससे पहले ज्वाइंट सीपी से मिलने उनकी पार्षद पत्नी सौम्या शुक्ला और उनके समर्थक भाजपा नेता पहुंचे थे। ज्वाइंट सीपी से यह लोग बात कर रहे थे। तभी वकीलों के साथ अंकित शुक्ला व उनके साथी उनके कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने जॉइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी से अपना पक्ष रखा। इसके बाद उन्होंने अपनी गिरफ्तारी दे दी। गिरफ्तारी के समय उनके साथ करीब 50 से ज्यादा समर्थक मौजूद थे। बता दें कि बीते रविवार को गाड़ी ओवरटेक करने के दौरान सिख व्यापारी अमोल दीप और भाजपा पार्षद सौम्या शुक्ला के पति अंकित शुक्ला के बीच विवाद हो गया था। अंकित शुक्ला ने अपने समर्थकों के साथ अमोलदीप के साथ जमकर मारपीट की थी। मारपीट में गंभीर रूप से घायल अमोल दीप के गंभीर चोटे आई थी। गंभीर रूप से घायल होने से करण एयर एंबुलेंस से इलाज के लिए उन्हें दिल्ली भेजा गया। जहां सर गंगाराम अस्पताल में इलाज के दौरान उनके एक आंख की रोशनी चली गई। पुलिस ने अमोलदीप की मां के प्रार्थना पत्र पर अंकित शुक्ला व उनके साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। घटना के तीन दिन बाद भी अंकित शुक्ला पुलिस की पकड़ से दूर रहे। इस पर उनके ऊपर 25000 का इनाम घोषित कर दिया गया। कल गैर जमानती वारंट भी उनके खिलाफ जारी किया गया था। अंकित शुक्ला के समर्थक भाजपा नेता पुलिस कमिश्नर सहित पुलिस के अन्य अधिकारियों पर लगातार दबाव बनाते रहे कि अंकित शुक्ला बेकसूर है। पार्षद सौम्या शुक्ला ने कहा कि पहले अमोलदीप ने उनके साथ अभद्रता की और उनका हाथ पकड़ा। इसके बाद झगड़ा शुरू हुआ था। इसलिए उनके प्रार्थना पत्र के आधार पर अमोल दीप के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाए। लेकिन पुलिस अधिकारी निष्पक्ष कार्रवाई की बात लगातार कर रहे है। आज नाटकीय ढंग से पार्षद सौम्या शुक्ला के पति अंकित शुक्ला व अन्य साथियों ने सरेंडर कर दिया। ज्वाइंट कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाएंगे। ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की दोबारा न हो।
सिख व्यापारी अमोल दीप के साथ की गई मारपीट


















