कानपुर। जैन धर्म के 8वे तीर्थंकर 1008 चन्द्रप्रभु भगवान एवं 23 वे तीर्थंकर 1008 पार्श्वनाथ भगवान का जन्म -तप कल्याण त्रिदिवसीय विशद भक्तिधारा के रूप मे श्री दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मंदिर मे सुबह से परम पूज्य क्षमा मूर्ति आचार्य श्री 108 विरोध सागर जी महाराज के सानिध्य मे बड़ी धूमधाम से मनाया गया। प्रतिष्ठाचायॆ श्री मुकेश जी शास्त्री ने भगवान का अभिषेक एवं शान्तिधारा के साथ साथ 48 जोडे इन्द्र-इन्द्रणी आदि द्वारा पूजा-पाठ, और चन्द्रप्रभु एवं पार्श्वनाथ संगीतमय विधान कराया। उसके पश्चात सभी इन्द्रो ने केसरिया वस्त्रो मे श्री जी को चांदी की पालकी मे विराजमान कर शोभायात्रा मे चले जिसमे सभी इन्द्राणी लाल-केसरिया साडी मे सिर पर मंगलकलश रखकर शोभा यात्रा मे आगे चली।शोभायात्रा मे आचार्य श्री संसध अपने आर्शीवाद स्वरूप उपस्थित थे जिसका पूरे कानपुर जैन समाज भक्त पूरी शोभायात्रा मे भावनृत्य करते हुऐ आनन्द लेते रहे। शोभायात्रा जनरलगंज जैन मंदिर से प्रारंभ होते हुए कपड़ा बाजार,नयागंज,शक्करपट्टी, हालसी रोड, बादशाही नाका अंहिसा रोड होते हुऐ पु:न जैन मन्दिर आ गई। इसके उपरांत 51kg का 1 और 11kg-11kg के 2 का चांदी का चदवा , चांदी की धडी, चांदी की 2 चौकी, सोने के अखण्ड दीपक, चांदी के 5 कलश , चांदी का पालना, चांदी की स्थापना आदि अन्य चांदी-सोने की वस्तुऐ दानदाताओ के द्वारा मन्दिर मे समर्पित की गई। सौधर्म इन्द्र भामाशाह गुरूभक्त प्रदीप जैन-सरला जैन “तिजारे वालो ” के द्वारा चांदी की वस्तुऐ को आचार्य श्री ने मन्त्रो के द्वारा शुध्दिकरण कराई जिसके उपरान्त सभी भक्तो ने भोपाल से आऐ संगीतकार त्रृषि एण्ड पार्टी के भजनो मे भक्तिभाव का आनंद लिया। कार्यक्रम मे उपस्थित अध्यक्ष पवन जैन गंगवाल, प्रदीप जैन “गुरूजी” मोनू जैन मनीष, सन्दीप जैन “तिजारे वाले”, संजय जैन बजाज, राजीव जैन “मोना” सौरभ जैन “टिकू” वीरेन्द्र जैन आदि मौजूद रहे।
जैन स्वर्ण मन्दिर से महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा


















