तुम हो सब राजन के राजा, आपे आप गरीब नवाजा : खालसाई जाहो जलाल के साथ निकला नगर कीर्तन
नगर कीर्तन में सबसे आगे खालसा का प्रतीक निशान साहिब” “झूलते निशान रहें पंथ महाराज के” जयकारों के मध्य केसरी निशान झूल रहे थे व खालसा जाहो जलाल का प्रतीक “नगाड़ा” गूंज रहा था, दशमेश शस्त्र दल के सेवादार सिख मार्शल आर्ट “गतका” का प्रदर्शन करते चल रहे थे, बैंड वादक अपने संगीत वाद्ययंत्रों पर “सूरा सो पहचानिए जो लरे दीन के हेत, पुर्जा पुर्जा कट मरे कर्भू न छाडे खेत” को प्रस्तुत करते हुए चल रहे थे, गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन वृतांत पर आधारित झांकियों से सजे वाहन चल रहे थे, नगर कीर्तन में विशेष रूप से गुमटी न 5 गुरद्वारा श्री कीर्तन गढ़ के प्रधान हरजीत सिंह कालरा ने सभी का फूलों की वर्षा व पटका पहनाकर सम्मान किया श्री गुरु ग्रंथ साहिब का स्वागत श्रद्धालुजन पुष्प वर्षा से कर रहे थे, इसी तरह प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था पूरे नगर कीर्तन मार्ग पर संगठनों और संगत द्वारा की गई थी।


















