22 जनवरी 2024 सोमवार को श्री अयोध्या धाम में श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के पवित्र उपलक्ष्य पर इस्कॉन कानपुर में भक्ति भाव से ओत-प्रोत विशिष्ट उत्सव मनाया गया। श्री राम लला के स्वागत हेतु इस्कॉन कानपुर में सैकड़ो भक्त अनेकों दिनों से सेवारत थे। संपूर्ण मंदिर प्रांगण में रविवार को मार्जन सेवा भी की गई।
सर्वप्रथम श्रद्धालुओं ने प्रातः कालीन मंगला आरती मैं श्री भगवान की कृपा प्राप्त की । तत्पश्चात श्री श्री जानकी जानकी वल्लभ लक्ष्मण हनुमान जी ,श्री श्री राधा माधव जी एवं श्री श्री गौर निताई जी की श्रृंगार आरती के चित्ताकर्षक दर्शन किए।
वास्तव में श्री भगवान के विग्रह कोई साधारण मूर्ति नहीं है अपितु उनके सच्चिदानंद स्वरूप से अभिन्न है।
पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्री राम अपने भक्तों से आदान-प्रदान करने हेतु कृपावश विग्रह स्वरूप में प्रकट होते हैं।
मंदिर अध्यक्ष श्रीमान प्रेम हरिनाम प्रभु जी इस्कॉन कानपुर के अनेकों भक्तों सहित श्री राम लाल की प्राण प्रतिष्ठा के पवित्र अवसर पर अयोध्या में उपस्थित रहे।
प्रातः कालीन श्रीमद्भागवतम् सत्र में श्रीमान राधा रंजन प्रभु जी के द्वारा संपूर्ण रामायण का अद्भुत वर्णन किया गया।
प्रभु श्री रामचंद्र के भव्य स्वागत हेतु संपूर्ण मंदिर परिसर में 108 आकर्षक रंगोलिया बनाई गई।
साथ ही 11000 दीपकों की दिव्य ज्योति से मंदिर प्रांगण देदीप्यमान हो उठा।
सुगंधित पुष्पों की सजावट ,दीपकों के प्रकाश, हरे कृष्ण महामंत्र के पवित्र कीर्तन, पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र के सुंदर दर्शन से ऐसा लग रहा था मानो साक्षात साकेत धाम प्रकट हो उठा।
साथ ही श्री अयोध्या धाम से प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का सीधा प्रसारण मंदिर प्रांगण में किया गया।
मंदिर के भक्तों ने पूरे दिन मूल रामायण का मधुर पाठ किया ।साथ ही संध्या काल में श्री श्री जानकी जानकी वल्लभ लक्ष्मण हनुमान जी की पालकी यात्रा आयोजित की गई।

आतिशबाजी के प्रदर्शन ने आकाश में अद्भुत छठा बिखेरी । दसों दिशाएं मानो राममयी हो गई।
इस्कॉन के सभी भक्त उमंग,उल्लास ,उत्साह एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से आप्लावित व प्रफुल्लित थे। पालकी यात्रा में सभी भक्तों ने हरे कृष्ण महामंत्र की आध्यात्मिक तरंगों पर श्री राम चेतना से पूर्ण , भाव विभोर होते हुए नृत्य किया।
अंत में महाप्रसाद वितरित किया गया जिससे सब ने संतुष्टि ,आनंद व पूर्णता अनुभव की।



















