*विश्व तंबाकू निषेध दिवस*
*आरोग्य धाम में “तम्बाकू सुर” के द्वारा तंबाकू छोड़ने व मास्क पहनने की शपथ दिलाई*
*महिलाओं में तेजी से बढ रही धूम्र पान की लत निन्दनीय*
*10-12 साल के बच्चों का तम्बाकू,सिगरेट का प्रयोग नपुसंकता एवं समाज के लिए अभिशाप*
*जिन्दगी चुने तम्बाकू छोड़ने का संकल्प लें*
*तम्बाकू सेवन करने वाली महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए घातक*
*तम्बाकू एवं धूम्र पान की लत जनस्वास्थ के लिए गंभीर समस्या,सम्पूर्ण चिकित्सा जगत चिंतित*
*धूम्र पान करने वालों में कमजोर फेफड़े बने कोरोना का कारण*
*तम्बाकू के साथ निकोटिन का सेवन कैंसर का कारण*
*होम्योपैथिक टैबेकम एवं डैफनिया ले, तंबाकू की आदत छुड़ाएं*
आरोग्यधाम ग्वालटोली में आयोजित एक जन जागरूकता संगोष्ठी में बोलते हुए *आरोग्यधाम के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ हेमंत मोहन एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरती मोहन* ने बताया की वर्तमान समय में तंबाकू एवं धूम्रपान की लत पूरे विश्व में जन स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है। तंबाकू के कारण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्परिणाम एवं उससे होने वाली बीमारियों के कारण चिकित्सा व्यवस्थाएं भी चरमरा रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जांच जारी आंकड़ों के अनुसार दुनिया में प्रतिवर्ष लगभग 80 लाख लोग तंबाकू जनित बीमारियों के कारण असमय मौत का शिकार हो जाते हैं तथा भारत में यह आंकड़ा 10 लाख से ऊपर है। अकेले भारत में ही लगभग 27 करोड वयस्क धूम्रपान करते हैं। *डॉ हेमंत मोहन* ने बताया की *तंबाकू खाने से जहां मुंह का कैंसर पेट का कैंसर पैंक्रियास का कैंसर लीवर के कैंसर* आदि सामान्य बात है वहीं पर *धूम्रपान के कारण 90% फेफड़े के कैंसर 30% अन्य प्रकार के कैंसर 80% ब्रोंकाइटिस इम्फाईसीमा एवं 20 से 25% घातक ह्रदय रोगों* की संभावना बढ़ जाती है। डॉक्टर आरती मोहन ने बताया की 5 से 10 सिगरेट प्रतिदिन पीने वालों को दिल का दौरा पड़ने की संभावना 2 गुना बढ़ जाती है। *डॉक्टर आरती मोहन* ने गर्भवती महिलाओं को विशेषकर धूम्रपान से दूर रहने की सलाह दी क्योंकि धूम्रपान का असर उनके गर्भ में पल रहे बच्चे पर खतरनाक प्रभाव डालता है जिससे *समय पूर्व प्रसव मृत शिशु गर्भावस्था में ही शिशु की मृत्यु कम वजन के बच्चे का जन्म कमजोर बच्चे का जन्म एवं मानसिक रूप से कमजोर बच्चे* के जन्म की संभावना 50% बढ़ जाती है। डॉ हेमंत मोहन ने बताया की धूम्रपान की लत छोड़ने में *होम्योपैथिक दवा टैबेकम एवं डैफनिया* अत्यधिक सहायक है। यदि लंबे समय तक इनका प्रयोग किया जाए तो पुरानी से पुरानी धूम्रपान की लत भी छूट सकती है। यह जानकारी *डॉ हेमंत मोहन एवं डॉ आरती मोहन* ने जनहित में दी ।
इस अवसर पर आरोग्य धाम के *संस्थापक श्री आर. आर. मोहन, श्री अशोक मोहन, कपिल मोहन, शुभम शर्मा, शुभांगी शर्मा, श्रुति जी, अनिमा मोहन, विट्ठल मोहन, एड. सुनील मिश्र, राधा शुक्ला, अंकित शुक्ला व शिवम खन्ना उपस्थित रहे।*
*डॉ हेमंत मोहन*
*डॉक्टर आरती मोहन*
*आरोग्यधाम ग्वालटोली* 94150 50372


















