कानपुर, समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय गर्ग ,प्रदेश महासचिव अभिमन्यु गुप्ता के निर्देशों का लगातार पालन करते हुए कानपुर ग्रामीण अध्यक्ष विनय कुमार,कानपुर ,महासचिव इमामुद्दीन, उपाध्यक्ष मोहल्लिम, हरनाथ के द्वारा हॉस्पिटलों द्वारा मृत्यु ऑडिट से बचने और शासन प्रशासन द्वारा जनता को कोविड से मौत के कारण कम दिखा कर के गुमराह करने के लिए कोविड से हो रही मौतों को कागजों व प्रमाणपत्रों में छुपाने के विरोध में उपजिलाधिकारी बिल्हौर आकांक्षा गौतम के कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन दिया गया। हॉस्पिटल डिस्चार्ज स्लिप में मौत का कारण कोविड नहीं दिखाने व नगर निगम पंचायत द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र में भी मौत का कारण कोविड न दिखाने को गैरकानूनी बताते हुए मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन समाजवादी व्यापार सभा द्वारा दिया गया क्योंकि दूसरी वेव में सबसे ज़्यादा प्रभावित व्यापारी ही रहे।कोविड हॉस्पिटल केवल ऑडिट के सवालों से बचने व प्रशासन खुद की वाहवाही करवाने की मंशा से कोविड मृतक के परिजनों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।दूसरी वेव में सबसे ज़्यादा व्यापारी या उसके परिजन ही प्रभावित हुए हैं।और उनको मांग अनुसार मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा।केवल मृत्यु के ऑडिट से बचने के लिए हॉस्पिटल डिस्चार्ज स्लिप में मौत का कारण अन्य दिखा देते हैं पर कोरोना नहीं दिखाते।वहां शासन प्रशासन सब जानते हुए इस अन्याय पर चुप रहता है क्योंकि इससे कोविड से मौत के आंकड़े कम होते हैं और उनको सरकार का प्रबंधन सही दिखाने का मौका मिलता है।हॉस्पिटल ऑडिट के सवालों से बचना चाहते हैं क्योंकि उनसे पूछा जाएगा कैसे इलाज किया,क्या दवा दी,कब क्या किया और कहीं भी चूक की स्तिथि में कार्यवाही हो सकती है।इसलिए वो सबसे पहले जवाबदेही से पल्ला झाड़ना चाहते हैं।और शासन प्रशासन चुप है क्योंकि उनके आंकड़े अच्छे दिख रहे हैं।माँ गंगा में तैरती लाशों व घाट किनारे दफन लाशों के मंजर ने पहले ही साबित कर दिया की कोविड से हो रही मौतों के आंकड़े लगातार छुपाए गए या गलत बताए गए।
हॉस्पिटल व प्रशासन के इस खेल की वजह से मृतक के परिजनों को बीमा व संभावित मुआवजे में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।कई कानूनी पहलू भी इस गलत प्रमाण पत्र की वजह से प्रभावित होते हैं।अंतिम क्रिया में भी समस्या है।20 अप्रैल से 15 मई के बीच में तो लगभग 90 प्रतिशत मामलों में ये शिकायत मिली थी।परिजन भी अंतिम क्रिया और कोविड संक्रमण के डर से इस वक़्त लड़ नहीं पाते।समाजवादी व्यापार सभा लगातार सरकार से हर मृतक व्यापारी के परिवार के लिए 10 लाख मुआवजे की मांग कर रही है।ऐसे में प्रमाण पत्र में मृत्यु का कारण कोविड-19 अंकित न होने की वजह से उनके परिजन कोरोना से मरने वालों को मिलने वाली सुविधा से वंचित रह जायेंगे।ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग करी गई की सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया जाए की कोविड से हो रही मौतों के प्रमाणपत्र में मृत्यु का कारण कोविड ही अंकित किया जाए।जो अधिकारी ऐसा कर रहे हैं उन पर सख्त कार्यवाही कि जाए।


















