कानपुर नगर।
शिक्षकों और उनके परिवारजनों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत रविवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के लेक्चर हॉल नंबर-1 में लाभार्थी शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। जनपद के एक हजार से अधिक शिक्षकों को इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना के तहत पात्र शिक्षकों एवं उनके परिवारजनों को सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों में पांच लाख रुपये तक निःशुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी, जबकि सरकारी चिकित्सालयों में उपचार राशि की कोई सीमा नहीं होगी। कार्यक्रम में 54 लाभार्थी शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए गए।
पीपीएन कॉलेज, बीएनडी कॉलेज, कानपुर विद्या मंदिर, जुहारी देवी, ब्रह्मावर्त कॉलेज, हरसहाय कॉलेज और डीएवी ट्रेनिंग कॉलेज के शिक्षकों को जनप्रतिनिधियों ने कैशलेस कार्ड प्रदान किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ कल्याणपुर विधायक नीलिमा कटियार, गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी, बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा, घाटमपुर विधायक सरोज कुरील, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, अपर जिलाधिकारी नगर आलोक कुमार, जिला विकास अधिकारी एपी रस्तोगी एवं उच्च शिक्षा विभाग की नोडल अधिकारी प्रो. अपर्णा सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
विधायक नीलिमा कटियार ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना प्रदेश सरकार की शिक्षक हितों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। स्वास्थ्य संबंधी संकट के समय यह योजना शिक्षकों एवं उनके परिवारों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगी।
विधायक सुरेंद्र मैथानी ने योजना को शिक्षक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि शिक्षक समाज की भावी पीढ़ी को दिशा देने का कार्य करते हैं। उनके एवं उनके परिवारजनों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विधायक राहुल बच्चा ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा से शिक्षकों को बीमारी के समय उपचार के लिए आर्थिक व्यवस्था की चिंता से काफी हद तक राहत मिलेगी।
विधायक सरोज कुरील ने कहा कि यह योजना शिक्षकों के कल्याण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि शिक्षक समाज एवं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उनके स्वास्थ्य एवं कल्याण की चिंता करना अत्यंत आवश्यक है। कैशलेस चिकित्सा जैसी सुविधा आकस्मिक स्वास्थ्य परिस्थितियों में शिक्षकों एवं उनके परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करेगी तथा बेहतर उपचार प्राप्त करने में सहायक होगी।
उच्च शिक्षा विभाग की नोडल अधिकारी प्रो. अपर्णा सिंह ने कहा कि यह योजना उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों एवं उनके परिवारजनों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षकों एवं संबंधित संस्थानों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की।
कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग की नोडल अधिकारी प्रो. अपर्णा सिंह, सहायक नोडल अधिकारी एवं प्राचार्य प्रो. अमर श्रीवास्तव तथा जिला प्रशासन के संयोजन में किया गया। मंच संचालन रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर की प्रो. सुमन शुक्ला ने किया। प्रो. अपर्णा सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


















