कानपुर, 31 जुलाई 2026 — कानपुर के कोतवाली थानाक्षेत्र में पिछले 48 घंटों में जहर देकर पशुओं को मारने की दो दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। शुक्रवार सुबह एक साँड का शव मिलने से पहले, बुधवार को ही चार आवारा कुत्तों को इसी तरह जहर देकर मारा गया था जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर ब्रहस्पतिवार को प्रचार में आया।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के चौक सर्राफा धोबी मोहाल में देर रात सीसीटीवी में कुत्ते भौंकते नजर आ रहे थे, लेकिन सुबह वही कुत्ते गली में मरे पड़े मिले। सूचना मिलने पर नगर निगम के कर्मचारी शवों को उठाकर ले गए। इसके कुछ घंटों बाद ही उसी इलाके में एक साँड को भी जहर देकर मार डाला गया। पुलिस ने अभी तक मामले का संज्ञान नहीं लिया है, जिससे स्थानीय लोगों में रोष है।
वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता एवं बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि “योगी जी की सरकार में गौवंश के साथ या किसी अन्य बेजुबां जानवर के साथ इस तरह की दुखद घटना करने वाले किसी हालत में बक्शे नहीं जायेंगे।” उन्होंने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र में किराए पर रह रहे अन्य समुदाय के कारीगरों की शिनाख्त कर जांच की जाए ।
क्षेत्रीय दुकानदार ऋषि वर्मा ने बताया कि उन्होंने ही पुलिस को सूचना दी थी और अब प्रशासन की कार्यवाही का इंतजार है ।
गौरतलब है कि कानपुर में पशु क्रूरता के मामले नए नहीं हैं। पिछले सप्ताह ही चकेरी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को पशु क्रूरता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था । इससे पहले चौबेपुर में कई बंदरों को जहर देकर मारने की घटना भी सामने आ चुकी है, जहां पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि हुई थी । बिल्हौर थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित जानवरों के अवशेष मिलने पर चार पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं ।
प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों तक पहुंचा जाए। साथ ही, फॉरेंसिक टीम को बुलाकर जांच कराई जाए, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके । जब तक सजा नहीं मिलती, ऐसी घटनाएं रुकेंगी नहीं।
आखिर कानपुर पुलिस का अगला कदम क्या होगा? – यह सवाल इन बेजुबानों की चुप्पी पर एक बार फिर खड़ा हो गया है।
मोहम्मद नईम की रिपोर्ट



















