कानपुर। जन जागृति मंच के अध्यक्ष के अध्यक्ष विनोद मिश्र के नेतृत्व में श्रावण मास के प्रथम सोमवार के अवसर पर तेज बारिश होने के बावजूद महा आरती करने हेतु मंच के कार्यकर्ता सरसैया घाट पहुंचे, मां गंगा की महाआरती की गई इसके पहले मां गंगा का पूजन एवं 101 दीपों का गंगा जी में दान किया गया प्रदूषण रहित गंगा एवं प्रदूषण रहित कानपुर का संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष एवं दूर संचार सलाहकार समिति के सदस्य विनोद मिश्र ने कहा की पतित पावनी मां गंगा सामान्य नदी नहीं है। यह हम सब की आत्मा है मां गंगा को मोक्षदायिनी जीवनदायनी कहा जाता है कि गंगाजल में कभी कीड़े नहीं पड़ते पौराणिक कथाओं में कहा गया है की भगीरथ जी की कठोर तपस्या उपरांत मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था और उनके पूर्वजों की आत्मा को मुक्ति मिली थी मोक्ष मिला था लेकिन आज गंगा मा अपने भक्तों से स्वयं को प्रदूषण रहित रखने की गुहार लगा रही है औद्योगिक कचरा गंगा नदी में गिरते नाले प्रदूषण का बहुत बड़ा कारण है हम सभी को मां गंगा की पवित्रता बनाए रखने हेतु मूर्तियां फूल आदि गंगा में नहीं विसर्जित करने चाहिए औद्योगिक कचरा नालो का गंदा पानी प्लास्टिक इत्यादि को गंगा में नहीं डालना चाहिए लेकिन पिछली सरकारों में अरबो रुपए खर्च हो जाने के बावजूद मां गंगा प्रदूषण रहित नहीं हो सकी वर्तमान भारत सरकार ने नमामि गंगे योजना के अंतर्गत गंगा सफाई का अभियान चलाया है किंतु अभी भी अपने कानपुर नगर में अनेक गंदे नाले गंगा में गिर रहे हैं उद्योगों का औद्योगिक कचरा एवं केमिकल युक्त गंदा पानी गंगा में जाने से जलीय जीव जंतु मरते हैं और मां गंगा प्रदूषित होती हैं। भारत सरकार गंगा प्रदूषण के प्रति गंभीर है और उस योजना पर कार्य हो रहा है।
इस अवसर पर विनोद मिश्र शासकीय अधिवक्ता सरला गुप्ता आनंद कुमारी गुप्ता एडवोकेट डॉक्टर हेमंत मोहन उमेश चंद्र शुक्ला दीनानाथ द्विवेदी दीपक श्रीवास्तव अधीर शुक्ला गोल्डी गुप्ता आदि ने अपने विचार व्यक्त किया।]
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















