कानपुर,प्राकृतिक आपदा किसी एक पर नहीं आती ।इस वक्त पूरा विश्व कोरोना से जूझ रहा है।यह वास्तविक खतरा है। विश्व पर्यावरण दिवस हमें हर साल एक रिमाइंडर देता है कि यह लड़ाई एक दिन की नहीं बल्कि रोज सुबह उठकर लड़नी है। जरूरत से ज्यादा गर्मी ,ठंड ,बरसात इशारा है कि पर्यावरण के साथ सब सही नहीं है। आज इसकी देखभाल करेंगे तो हमारे आने वाली पीढ़ी एंजॉय कर सकेगी अन्यथा मास्क से पीछा कभी नहीं छूटेगा शायद ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर घूमने की नौबत आ जाए। इसलिए आज से ही शुरुआत करें देर नहीं हुई है प्लास्टिक का इस्तेमाल अपने रोजमर्रा के जीवन में कम करें। पानी बर्बाद ना करें। यह बहुत छोटी चीजें लेकिन हमारी आबादी बढ़ी है इसलिए बदलाव बड़ा ही होगा। अखिल भारतीय पीड़ित अभिभावक महासंघ के अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व दिवस पर अपने पुत्र हृदयांश चाणक्य के साथ पौधा रोप कर शुरुआत की एवं सभी को पर्यावरण दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं प्रेषित की।
अभिभावक महासंघ के सदस्य नवीन अग्रवाल,बरखा आहूजा,अमित जायसवाल ने बताया कि पर्यावरण के प्रति हमें प्रतिदिन सजग रहने की जरूरत है युवा पीढ़ी पर्यावरण के महत्व को समझ चुकी है वह जानती है कि आपके पास कितना भी पैसा हो, वह प्रकृति की जगह नहीं ले सकता सिर्फ इंटरनेट पर हैशटैग चलाने से कुछ नहीं होगा ।अपने ग्रह को बचाने के लिए हमें कदम उठाने की जरूरत है।
मायरा फाउंडेशन के शबाब हुसैन ने कहा कि जन्मदिन पर महंगे उपहार देने के बजाय उसके नाम से पौधे लगाए जाएं।
विश्व पर्यावरण दिवस, पौधारोपण


















