सुखी और सम्पन्न जीवन के लिए नियमित रूप से कार्य करना आवश्यक होता है।यह तभी संभव होता है जब वयक्ति शारिरिक, मानसिक रूप से स्वस्थ्य हो। इसके लिए योग और प्राणायाम से बेहतर कुछ भी नहीं है। इसमें केवल व्यायाम ही नहीं बल्कि सद्बुद्धि, सकारात्मकता, सद्संकल्प, के माध्यम से सम्पूर्ण व्यक्तित्व की बात कही जाती है।इससे आयु बढती नहीं है किंतु जितनी होती है उसे अच्छे से जीने का मार्ग मिलता है।स्वयं योग करें,साथ ही परिवार के, यदि संभव हो तो पड़ोस के लोगों को योग के बारे में बताएं ,क्योंकि योग ही एक ऐसा साधन है जिससे हम शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। आज के समय में यह बहुत आवश्यक है। कोरोना में आप लोगों ने देखा, बहुत से परिवार बिखर गए। एक दूसरे से दूर हो गए ऐसे में स्वयं को परिवार को समाज को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। मेरी बात को ध्यान रखिए कि योग करना है, दूसरों से योग कराना भी है। सिर्फ फोटो ही नहीं बल्कि नियमित दिनचर्या में इसको शामिल करना है, क्योंकि यह तभी फायदेमंद है जब इसे नियमित किया जाए। लगातार यदि आप इसे करते हैं ,तो स्वयं ही आपको इसका महत्व पता चल जाएगा।
योग से रहते सदा निरोग


















