कानपुर आज मदरसा रजविया गौसुल उलूम तलव्वामंडी कोपरगंज में इस्लाम धर्म के तीसरे खलिफा हजरत उस्मान ए गनी रजि. का यौम ए शहादत को बडे़ एहतेशाम के साथ मनाया गया गया।
जिसमे मदरसे बच्चों ने नातों मनकबत पेश की सदारत मौलाना जहूर आलम ने की निज़ामत जनाब शब्बीर अशरफी ने की।
महफिल को खिताब करते हुए मौलाना मुर्तजा शरीफी ने फरमाया कि आज हमारे दरमियान हज़रत सैय्यदना उस्मान ए गनी रजि जाहिर मौजूद तो नही हैं मगर उनकी याद हर साल मनाते हैं उनके फजाएलो व मुनाकिब बयान करके उनके नक्शे कदम पर चलने की दावत लोगों को देते हैं।
मुफ्ती मोहम्मद हनीफ बरकाती साहब ने फरमाया कि हज़रत उस्मान ए गनी रजि बड़े हया वाले थे और हदीस शरीफ बमान करते हुए कहा कि हुजूर पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि क्या मैं उससे हया ना करूं जिससे फरिश्ते भी हया करते हैं। इसी ज़मन मे कौम के लोगों को पैगाम दिया कि अपने बच्चों की सख्त निगरानी करें। और उनके फैशन के इसी दौरान मे गैर मजहब बच्चियों को इरतेदार से बचाया जा सके आगे कहा कि सय्यदना उस्मान ए गनी रजि सखावत का चर्चा जिस तरह हमारे उलेमा करते सखावत ए उस्मान अब अमली तौर पर पेश करने की जरुरत है।
जैसा कि हमने और सोशल मीडिया प्रिंट मिडिया के जरिए देखा और पढा कि गुजिश्तां दिनों कोकन महाराष्ट्र के मालदारो लाज़िम है कि सखावत उस्मानी का जज्बा पैदा करें और उन मुतास्तिरीन की आगे बढ़कर इम्दाद करें।
हाफिज़ व कारी वाहिद अली रज़वी साहब की निगरानी में जलसा उस्मान ए गनी रजि मुनाअकिद हुआ। बाद सलात ओ सलाम पढा गया मुफ्ती हनीफ बरकाती साहब ने दुआ कि दुआ मे खुसुसन कोकन के मुसलमानों के हक में दुआ की गयी।
इस मौके पर जौहर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हयात ज़फर हाशमी, वली मोहम्मद, शकील अहमद, मोहम्मद ज़ीशान, मोहम्मद अन्सार, परवेज़ आलम, मोहम्मद अनीस, उरूज आलम, फराज़ आलम वगैरह मौजूद रहे ।
मदरसा रजविया मे मनाया गया यौम ए उस्मान ए गनी कोकन के मुसलामानों के लिए हुई दुआ


















