कानपुर , मित्रता का एक रोचक वर्गीकरण दर्शनशास्त्र के महापंडित तथा अलेक्जेंडर व प्लेटो के गुरु अरस्तु ने प्रस्तुत किया था उनके अनुसार मित्रता के तीन प्रकार हैं पहला सेल्फ इंटरेस्ट से प्रेरित मित्रता जिसमें प्राप्त करने की इच्छा होती है दूसरा आनंद और अच्छा समय व्यतीत करने के उद्देश्य से की जाने वाली मित्रता तीसरा है आदर्श मित्रता जो मतलब और मौज मस्ती से परे होती है आज के समय अरस्तु के पहले व दूसरे केटेगरी में ज्यादा है उपरोक्त बात सोसायटी योग ज्योति इंडिया व राष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी के संयुक्त तत्वाधान में नशा हटाओ कोरोना मिटाओ सच्ची मित्रता बढ़ाओ हरियाली लाओ अभियान के तहत मित्रता दिवस के परिप्रेक्ष्य में कोरोना गाइडलाइंस के तहत आयोजित ई-संगोष्ठी शीर्षक मित्र वही जो विपत्ति के समय मजबूती से खड़ा हो पर अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरु ज्योति बाबा ने कही,ज्योति बाबा ने आगे बताया कि मित्रता,प्रेम आदि संबंधों के पीछे का सीक्रेट कहीं ना कहीं फ्रीक्वेंसी और वाइब्रेशन में छुपा है किसी भी कारणवश फ्रीक्वेंसी तथा वाइब्रेशंस में आने वाले चेंजेज लाइफ और रिलेशन में परिवर्तन का कारण बनते हैं भगवान महावीर ने मित्रता के संबंध में बताया कि तुम उसके साथ मित्रता करो जिसके जीवन में सत्य हो,l मारवाड़ी एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप केडिया ने कहा कि आज मित्रता को हमने फास्ट फूड रेसिपी बना दिया है ई- संगोष्ठी का संचालन राष्ट्रीय समन्वयक हरदीप सिंह सहगल व धन्यवाद समाजसेवी दीपक सोनकर ने दिया l अन्य प्रमुख रोहित कुमार,श्री नारायण मिश्र,योगी,अनिल सिंह चंदेल,निर्मला राठौर,दीप्ति अवस्थी,नीतू गुप्ता,हर्ष सोनी,विनीता सिंह,संगीता तिवारी,संगीता गुप्ता इत्यादि थी l
भारत में अनेकता में एकता के संदेश को प्रगाढ़ बनाती मित्रता…ज्योति बाबा


















