कुलहिंद जमीअतुल अवाम के बैनर तले गरीब नवाज हाल में शहर क़ाज़ी कानपुर मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही के नेतृत्व में मोहर्रम मनाए जाने तथा हुकूमत द्वारा जारी की गई मोहर्रम गाइडलाइन में इस्तेमाल की अभद्र भाषा के विरोध में एक हंगामी सभा का आयोजन किया गया। शहर क़ाज़ी कानपुर मौलाना मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही ने कहा कि सर्कुलर में इस्तेमाल की गई भाषा आपत्तिजनक है। इस्लाम का यह पहला माह मोहर्रम जिसे मुसलमान मोहर्रमुल हराम यानी निहायत ताजीम वाला महीना कहता और समझता उन्होने कहा कि मोहर्रम को सम्प्रदायिक दृष्टि कोण से अति संवेदनशील कहते हुए सम्प्रदायिक प्रकरणों, विवादों ,यौन सम्बंधित घटनाओं तथा गौवंश वध आदि घटना का वर्णन करते हुए सतर्कता की बात कहना बिल्कुल निराधार और बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है। यह पाक महीना मुसलमानो को समाज के मजलूमों और दबे कुचलो के न्याय और इंसाफ दिलाने के कार्यों के लिए प्रेरित करने वाला हैं। मौलाना हामिद हुसैन शिया शहर क़ाज़ी ने कहा कि इतने आला पद पर बैठे अधिकारी की ऐसी सोच और भाषा हैरान कर देने वाली है। मौके पर महामंत्री महबूब आलम खान कारी सगीर आलम हबीबी अब्दुल माबूद कारी अब्दुल मुतालिब हाशिम रिजवी आदि।
हुकूमत द्वारा जारी मोहर्रम गाइडलाइन मुसलमानों के जज़्बात को चोट पहुंचाने वाली महबूब आलम खान


















