कानपुर, केंद्र सरकार ने विकलांगों को मिलने वाले आरक्षण को खत्म कर दिया है। केंद्र ने आईपीएस, रेलवे सुरक्षा बल, दिल्ली, अंडमान और निकोबार, लक्ष्यदीप,दमन दीप, दादरा और नगर हवेली से पुलिस बल और सभी लड़ाकू पदों पर विकलांगों के लिए चार प्रतिशत नौकरी से आरक्षण हटा दिया है| इसके अलावा बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और असम राइफल सहित सशस्त्र पुलिस बल ( सीएपीएफ)को आरक्षण हटाने वालों भी शामिल किया है| गौरतलब है कि राजपत्र अधिसूचना के अनुसार सरकार ने उस प्रतिष्ठानों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के दायरे से छूट दी थी जो विकलांग व्यक्तियों के लिए रोजगार में आरक्षण प्रदान करता है।इस अधिनियम के तहत विकलांगजनों को पुलिस बल, रेलवे सुरक्षा बल जैसी इकाइयों में नियुक्तियों में चार फीसदी आरक्षण मिलता था जो अब खत्म कर दिया गया है।राष्ट्रीय विकलांग पार्टी ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की है|
राष्ट्रीय विकलांग पार्टी की बैठक शास्त्री नगर सेन्ट्रल पार्क में हुयी जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि समानता के अवसर और समाज के पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने की बात करने वाली बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के इस फैसले की हम निन्दा करते हैं।
वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि सरकार ने धारा 34 तहत प्रावधान का दुरुपयोग किया है। भाजपा की सरकार ने दिव्यांग प्रकोष्ठ बना कर विकलांग व्यक्तियों को राजनैतिक भागीदारी तो दी नहीं बल्की देश के विकलांग व्यक्तियों को बेरोजगार करने के लिये अपना चरित्र दिखा दिया है| वीरेन्द्र कुमार ने कहा की राष्ट्रीय विकलांग पार्टी 25 अगस्त को बड़ा चौराहा से जिलाधिकारी कार्यालय तक शान्ति मार्च निकाल कर प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर अधिसूचना वापस लेने की मांग करेगी! बैठक में राष्ट्रीय महासचिव वीरेन्द्र कुमार, अल्पना कुमारी, अशोक कुमार, राहुल कुमार, आनन्द तिवारी, वैभव दीक्षित, अरविन्द सिंह, बंगाली शर्मा, गौरव कुमार, गुड्डी दीक्षित, दिनेश यादव, सन्तोष पाल, गंगासागर, राम कुमार गुप्ता आदि शामिल थे!
राष्ट्रीय विकलांग पार्टी विरोध में 25 अगस्त को करेगी प्रदर्शन


















