हे नारी जुल्म तुझ पर हुआ है तो बदला भी तेरा’ संवाद के साथ निर्देशक धीरज सिंह की फिल्म रेप लंबे इंतजार व सेंसर बोर्ड की मंजूरी के बाद यूट्यूब पर फिल्म अपलोड की गई। इस फ़िल्म को देखने के बाद जहां दर्शकों ने भी इस फिल्म को पसंद किया तो वही समाज की इस दरिंदगी को जड़ से हटाने को लेकर भी एक संदेश दिया है।
आपको बता दें कि मर्तोलिया फिल्म बैनर के तले बनी 30 मिनट की इस फिल्म मे रेप के बाद की बदला लेने की कहानी दर्शाई गई। फिल्म की हीरोइन आयरा शर्मा ने अपनी भूमिका के साथ न्याय किया साधारण गांव की लड़की के किरदार से दर्शकों के दिल में उतर गई ।अन्य कलाकारों ने भी अपनी भूमिका को अच्छे तरीके से निभाया।निर्देशक ने फिल्म के कई संवाद गाली गलौज वाले हैं, जो आजकल वेब सीरीज में आम है। फिल्म की कहानी की बात की जाए तो यह पूरी तरह से नारी प्रधान फिल्म है। वर्तमान में जिस तरह रेप की घटनाएं हो रही हैं, डायरेक्टर ने इन खबरों के साथ फिल्म की शुरुआत की है गांव की एक सीधी-सादी लड़की को अचानक कुछ लड़के सड़क पर रोक लेते हैं। उसके मना करने के बाद उसको घेर लिया जाता है। अपने आप को चारों तरफ से घिरा देख कर लड़की सहजता के साथ अपनी जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण कर देती है। जिसके बाद चार दरिंदे उसका बारी-बारी से रेप करते हैं। रेप के दौरान उसका वीडियो भी बनाते हैं।और बाद में पुन: बुलाने की धमकी भी देते हैं। लड़की दोबारा आने का वादा करके चली जाती है लेकिन उसके दिमाग में इन चारों से बदला लेने की बात घर कर जाती है। फिल्म के अंत में बड़ी क्रूरता के साथ लड़की चारों से बदला लेती है। फिल्म के निर्माता एवं मार्तोलिया फिल्म के विजय सिंह मार्तोलिया ने बताया कि यह फिल्म पहले भी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज की गई थी लेकिन कुछ अड़चनों के कारण फिल्म रोक दी गई थी। सेंसर बोर्ड की मंजूरी के बाद फिल्म रिलीज की गई है। कुछ ही घंटों में सैकड़ों लोगों ने फिल्म देखकर इसकी प्रशंसा की।
क्या कहती हैं महिलाएं
1. कंचन सिंह ने कहा समाज में आए दिन हो रही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महिलाओं को खुद आगे आना होगा। इस फिल्म को देखने के बाद कई प्रश्न दिमाग में उड़ते हैं कि समाज में आज भी गंदी मानसिकता प्रवृत्ति के लोग इतनी घिनौनी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
2. ज्योति शुक्ला ने कहा वर्तमान समय में जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उसे ध्यान में रखकर यह फिल्म बनाई गई है। इस फिल्म को देखने के बाद महिलाओं में कई तरह के विचार जरूर आएंगे। हमें समाज की सोच बदलनी होगी तभी इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी।


















