कानपुर: पवित्र माह रमजान के आखिरी शुक्रवार को अलविदा की नमाज पढ़ी जाती है,,,,मुस्लिम समाज में अलविदा की नमाज का विशेष महत्व है,,,,मुस्लिम समाज के लोग नमाज पढ़ने के बाद परिवार, समाज व मुल्क की सलामती के लिए दुआ मांगते हैं,,,,
करीब दो साल के अंतराल के बाद मस्जिदों में नमाज अदा की गई,,, कोविड -19 महामारी के दौरान, केवल पांच व्यक्तियों को एक समूह में नमाज अदा करने की अनुमति थी,,,,,लेकिन अब कोविड केसो में कमी आने के बाद पूरे एहतराम के साथ समूह में नमाज अदा हुई,,,,देश भर में ‘अजान’ और ‘हनुमान चालीसा’ के गायन को लेकर चल रहे विवाद को देखते हुए कानपुर में कड़ी सुरक्षा रही,,,,
आपको बता दे की अलविदा जुमा यानी रमजान माह के आखिरी शुक्रवार की नमाज को कहते हैं,,,,इस बार 29 अप्रैल को अलविदा जुम्मा है,,,,इस दिन का इस्लाम में बहुत ही खास महत्व है,,,,मान्यता है कि रमजान के तीसरे और आखिरी अशरे में की गई इबादत रोजेदारों को जहन्नुम की आग से बचाती है,,,अलविदा जुमे के बाद लोग ईद की तैयारियों में लग जाते हैं,,,,,|


















