फॉर्चून हॉस्पिटल के किडनी रोग विशेषज्ञ डा० देशराज गुर्जर ने उपस्थित लोगों को बताया कि विश्व किडनी दिवस एक विश्वव्यापी अभियान है, डा0 गुर्जर ने स्वस्थ जीवन के लिए किडनी हृदय एवं फेफड़े जितने ही महत्वपूर्ण है। किडनी के प्रमुख कार्य शरीर में जल की मात्रा का नियंत्रण हानिकारक व अधिष्ट पदार्थों का रक्त से सफाई, रक्तचाप पर नियंत्रण, विटामिन-डी को सक्रिय करना, रक्तकणों को बनाने में सहायता करना, सोडियम पोटेशियम मैग्नीशियम, फास्फोरस, क्लोराइड, बाईकार्बोनेट की मात्रा यथावत बनाये रखना है। उन्होनें बताया कि किडनी की बीमारियां मधुमेह उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों में होने की ज्यादा संभावना होती है। सी के डी के मुख्य लक्षण थकावट, कमजोरी, मूत्र विसर्जन के समय दर्द, मूत्र में छाग, आँखों में सूजन, चेहरे, हाथ, पेट, ऐड़ी एवं पैरों में सूजन हैं। बीमारी जानने के लिए व्यक्ति कोप्रोटीन की एवं ग्लोमरूलर फिल्टररेशन रेट (ली एफ आर) कराना चाहिये, जिससे यह पता चलता है कि किडनी किस प्रकार शरीर के हानिकारक पदार्थों को फिल्टर कर रही है। स्वस्थ किडनी खून से किएटिनिन को खून से फिल्टर कर देती है, जब किडनी ठीक से कार्य नहीं करती है, तो खून में किएटिनिन की मात्रा बढ़ जाती है।
इस अवसर पर फॉर्चून हॉस्पिटल के प्रबन्ध निदेशक एवं शहर के प्रतिष्ठित लैप्रोस्कोपिक एवं बैरियाट्रिक सर्जन डा0 मनीष वर्मा ने उपस्थित लोगों एवं पत्रकारों को बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिये, नियमित रूप से अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराना चाहिये, जिससे इस प्रकार की गम्भीर बीमारियों से बचा जा सके। इस अवसर पर डा० कैलाशनाथ, डा० रश्मि रस्तोगी, सौरभ मिश्रा आदि लोग उपस्थित थे।
संवाददाता:अनिल कुमार की रिपोर्ट कानपुर नगर


















