युवा मुस्लिम परिषद के तत्वाधान में वसीम रिजवी द्वारा कुरान करीम एवं खलीफा ए राशिदीन पर विवादित बयान देने के विरोध में अधिवक्ता सभा के प्रदेश अध्यक्ष एड सुरेश अहमद के नेतृत्व में अजमेरी चौराहा चमनगंज कानपुर नगर में शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी का पुतला दहन किया। आरोप लगाते हुए मोहम्मद उस्मान ने कहा कि कुरान करीम अल्लाह ताला की नाजिल की हुई आसमानी किताब है ना कि किसी व्यक्ति विशेष द्वारा रचित कोई उपन्यास इसलिए इसमें कोई संशोधन संभव नहीं है। पूरी दुनिया के सभी मसलक के मुसलमान सहमत है। कि कुरान करीम असली नाजिल शुदा सूरत में बाकी है। अयते तो दूर की बात है। कुरान करीम के जे़र ज़बर में भी बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है। यूपी के कुख्यात व्यक्ति वसीम रिजवी के कुरान करीम के बारे में जहर उगला है। और कुरान के 26 आयतों के बारे में सुप्रीम कोर्ट में पेटीशन दिया है। यह केवल राजनीति लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से किया गया। पब्लिसिटी स्टंट है। जोकि व्यक्तिगत है। शिया समुदाय का इसमें कोई लेना देना नहीं है। वसीम रिजवी इस तरह की ओछी हरकतों से बाज नहीं आया तो इसका बुरा अंजाम भुगतना होगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ सुहेल चौधरी, जितेंद्र कुमार, मोहम्मद उस्मान, नौशे खान, अनिल वर्मा, इमरान अंसारी, डॉ जेबन जमशेद चौधरी, रिहान चौधरी आदि लोग मौजूद रहे।
वसीम रिज़वी का पुतला फूंक कर,जताया विरोध।


















