भीषण ठंड और शीतलहर व गलन की वजह से लोगों की नसों में खून का थक्का जम जाने से हार्ट और ब्रेन अटैक पड़ रहा है रोजाना 785 मरीजों का उपचार किया गया जा रहा है इंस्टीट्यूट के निदेशक का कहना है कि जाड़े में हार्टअटैक के रोगियों की संख्या बढ़ जाती है रोगी लापरवाही कतई ना करें तबीयत अगर बिगड़ तुरंत डॉक्टर को दिखाएं मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग अध्यक्ष बताया कि ठंड के साथ ब्रेन अटैक के लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभाग का वार्ड फुल हो गया है रोगियों के लिए मेडिसिन का वार्ड निर्णय लिया है इसमें भी ब्रेन अटैक के मरीज भर्ती हैं
भीषण ठंड और शीतलहर व गलन की वजह से लोगों की नसों में खून का थक्का जम जाने से हार्ट और ब्रेन अटैक पड़ रहा है


















