कानपुर। हमारा जीवन प्राकृतिक धरोवरों से घिरा हुआ है जिनमें हवा जल और पर्यावरण की अहम भूमिका है। जिनसे हमें जीवन मिलता है इसीलिए कहा जाता है कि जल है तो कल है लेकिन वर्तमान में समाज इन धरोहरों के प्रति जागरूक नहीं दिखाई दे रहा है जिसके चलते कई बार इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। इसी सोच को लेकर पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में रहने वाले ई-रिक्शा चालक सुभो चक्रवर्ती हाथों में तिरंगा झंडा लेकर अपनी पत्नी के साथ पैदल ही दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के लिए निकल पड़े है। सोमवार की सुबह कानपुर की सीमा पर पहुंचते ही बताया कि, उन्होंने अपनी यात्रा की शुरूआत 25 जनवरी को की थी। लक्ष्य है कि उन्हें विश्व जल संरक्षण दिवस के दिन राजधानी में महामहिम राष्ट्रपति से मिलकर समाज को इन प्राकृतिक धारोवरों के प्रति जागरूक करने का काम करेंगे। बीते कई समय से ऐसा देखा गया है कि लोग अपने फायदे के लिए हरे भरे पेड़ों को काट देते हैं,, कुछ ऐसे भी लोग हैं जो चर्चाओं में रहने के लिए पौधारोपण का कार्य करते हैं लेकिन कुछ समय बाद अपने किए हुए वादों को भूल जाते हैं , ऐसे में हम सभी देशवासियों को ऑक्सीजन देने वाले पेड़-पौधों को अपने बच्चों की तरह पालना चाहिए साथ ही यदि किसी कारणवश किसी पेड़ को काटा भी जाये तो उसके बदले में सौ पेड़ लगाकर अपने पर्यावरण को दूषित होने से बचाया जा सकता है,,
करोड़ों की आबादी के लिये ई-रिक्शा चालक बनेगा वरदान


















