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विश्व किडनी दिवस पर कानपुर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया

कानपुर
किडनी शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है हर साल ऐसे अनेक लोग हैं जो किडनी रोगों के चलते अपनी जान गंवा देते हैं किडनी फेलियर के चलते किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत तेजी से बढ़ती जा रही है किडनी शरीर का महत्वपूर्ण अंग है किडनी के महत्व को उजागर करते हुए ही हर साल मार्च माह में विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है और कोशिश की जाती है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को किडनी और उससे जुड़े रोगों के संदर्भ में जागरूक किया जा सके.इसी के चलते

विश्व किडनी दिवस पर कानपुर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया
जिसमें मुख्य अतिथि डॉ. रिचा गिरी एवं डॉ. व नेफ्रोलॉजिस्ट डॉक्टर पंकज गुलाटी उपस्थित रहे तथा नेफोलॉजिस्ट ने मरीजों व किडनी की बीमारियों के प्रति जागरूकता को जगाने के लिये किये गया ताकि लोग जल्द से जल्द अपनी किडनी की बीमारी को पकड़ सके और किडनी की परेशानी को कम कर सके। डॉ युवराज गुलाटी ने बताया कि 10 प्रतिशत लोग किडनी की बीमारी से ग्रसित है अगर प्राम्भिक परीक्षण से हम बीमारी को पकड़ ले और समय रहते विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करवा ले। तो हम बीमारी के अन्तिम सीमा डायलिसिस एवं ट्रांसप्लांट की जरूरत पर पहुंचने से बच सकते है।

डॉ. युवराज गुलाटी से उपस्थित लोगों ने कई सारे किडनी सम्बन्धित सवाल किये जिनका जवाब भी इन्होंने दिये और यही संदेश दिया कि हमें नियमित रूप से अपने पेशाब की जांच और अगर हमे शुगर व बी०पी० है तो इसे कंट्रोल में रखना चाहिए ताकि हम किडनी की बीमारी के ग्रसित होने के बच सके।

किडनी के कई मरीजों ने अपने अनुभवो को साझा किया डॉ. युवराज गुलाटी के कई मरीज व जो पेरिटोनियल डायलिसिस में है एवं उनके द्वारा किये गये किडनी ट्रांसप्लाट के मरीजों ने भी अपने अनुभवों को साझा किया। यहां तक की उन मरीजों ने भी अपने अनुभव साझा किये जिनकी शुरूआती दौर में एक-दो बार डायलिसिस होकर करके उनकी किडनी की बीमारी ठीक हो गई और वे स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रहे है।

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