— संसार दुख का घर है क्योंकि अशाश्वत है : कथा व्यास डा.श्याम सुंदर पाराशर
— …प्रेम अविनाशी ईश्वर से करो वो बिछड़ेगा नही सदा साथ रहेगा….
— संत का सानिध्य मिलने से परमात्मा से मिलन हो जाता है …
कानपुर 1अप्रैल । बेर तभी तक मीठा है जब तक हमने रसगुल्ले का स्वाद न चखा हो । ठीक वेद भी उसी तरह है परमात्मा की सत्य सत्ता का ज्ञान हमे जब तक नहीं हों जाता हम मिथ्या रूपी संसार में भटकते रहते है । यह प्रवचन आज क्रपाधाम मंदिर में चल रही 7 दिवसीय कथा के दूसरे दिन वृंदावन से पधारे भागवताचार्य कथा व्यास डा०श्याम सुंदर पाराशर जी ने कहे । उन्होंने संसार में सत्य की व्याख्या करते हुए कथा प्रसंग सुनाया । उन्होंने बताया की असत्य वह है जो समय के साथ परिवर्तित हो जाय। सत्य सदैव एक जैसा ही रहता हैं परमात्मा की तरह । उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा की मिट्टी से बना घड़ा आज है एक दिन नही होगा यह घड़ा असत्य है पर मिट्टी कल भी वैसी थी आज वा कल घड़े के फूट जाने के बाद भी रहेगी यही परम सत्य है ।जो कभी नष्ट नहीं होती ।
कथा व्यास ने प्रेम पर प्रसंग सुनाते हुए कहा की प्रेम करना है तो भगवान से करो जो कभी आपका साथ नहीं छोड़ेंगे संसार के प्राणी से प्यार करोगे तो एक दिन साथ छोड़ देगा और दुख का कारण बनेगा उससे बचना है तो ईश्वर से प्रेम करो ।
कथा व्यास पाराशर जी ने कहा की जीव जगत और माया के इस संसार में भागवत सुनने का पात्र कौन है उन्होंने कहा स्वार्थ सिद्धी से रहित धर्माचरण करने वाला व्यक्ति को असली भागवत श्रोता है जिसके भीतर ईर्षा द्वेष समाप्त हो गया हो जो दूसरो के उन्नति करने से भी प्रसन्न होता ही उसे ही भागवत सुनने का सच्चा फल प्राप्त होता है । जैसे दूध रखने का बर्तन यदि साफ न हो तो दूध फट जाता है उसी प्रकार शरीर रूपी बर्तन में धर्म का ज्ञान आत्मसाद करने से पूर्व सुध्धिकरण करना आवश्यक है । शनिवार संध्याकाल में कथा का शुभारंभ आयोजन समिती एवं क्रपधाम परिवार के अध्यक्ष सुनील कपूर एवं राजीव चतुर्वेदी द्वारा भागवत पुराण की आरती उतार कर शुभारभ हुआ आज की कथा में वर्षा होने के बावजूद संकणो की संख्या में भक्त गण कथा सुनने जनपद के कोने कोने से आए भक्त श्रोता गण कथा कथा भजन सुनकर झूम झूम कर नृत्य करते हुए भावविहोर होउठे ।
इस अवसर पर मुख्य रूप से राज संतोष मेमोरियल सोसाइटी कृपा धाम मंदिर श्रीमद भागवत कथा अयोजन समिति के पंकज झां, सुमित कपूर ,कुणाल अरोरा,ईशान गुलाटी,सात्विक कपूर कमल मिश्र आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे ।


















