कानपुर 7 अप्रैल । राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के तहत यूपी और सीबीएसई बोर्ड के पाठ्यक्रम में अभी तक पढ़ाया जाने वाला मुगलों से सम्बंधित इतिहास अब नई शिक्षा नीति 2023- 24 के नए सत्र से नहीं पढ़ाया जाएगा। देश के यशश्वी प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशन पर सरकार ने भी ये बड़ा फैसला लिया है। जो कि सराहनीय है यह बात आज कानपुर लोकसभा सांसद सत्यदेव पचौरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कही । उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला सराहनीय है । यह फैसला देश के स्वाभिमान से जुड़ा फैसला है अब तक एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तको में जो भी मुगलों का महिमा मंडन का झूठा इतिहास पढ़ाया जरहा था उसको अब सरकार द्वारा जारी नवीन सत्र की पुस्तकों से हटा दिया गया है जो की भारत देश के लिए गौरव पूर्ण बात है । श्री पचौरी ने बताया कि आजादी के 75 वर्षो के बाद देश के जिम्मेदार नागरिकों को पढ़ाए जाने वाले गुलामी के इतिहास को हटाया जाना देश के भविष्य को तय करने वाले युवा विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करेगा । सरकार के इस निर्णय का समर्थन एवं भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए सांसद ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा जो आज सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को पुर्नस्थापित करने के लिए जो जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है वह सराहनीय है । उन्होंने
बीती सरकार कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा की पिछली सरकारों ने जानबूझकर देश के भावी कर्णधारों को गलत इतिहास पढ़ाया जो कि देश की भावनाओं के विपरीत था । अब उसे समाप्त कर दिया गया है और देश की जनता इस निर्णय से प्रसन्नता होराही है और उनके अनुसार जनता का भी ऐसा मानना है कि मोदी जी जैसा प्रधानमंत्री ही ऐसा साहसिक निर्णय ले सकता है।
जाने क्या क्या हटाया गया नवीन सत्र के पाठ्यक्रम में …..
सांसद पचौरी ने कहा कि इतिहास की किताब से अब कुछ पाठ हटा दिए गए हैं, इनमें मुगल दरबार के पाठ को हटाया गया। साथ ही 11वीं की टेक्स्ट बुक से इस्लाम का उदय, औद्योगिक क्रांति, संस्कृतियों में टकराव और समय की शुरुआत पाठ हटाए गए हैं। इसके अलावा नागरिक शास्त्र की किताब से शीत युद्ध और अमेरिकी वर्चस्व का पाठ समाप्त कर दिया गया है। आपको बता दें कि ( एनसीईआरटी ) ने शैक्षिक सत्र 2023-24 से 12वीं कक्षा की किताब भारतीय इतिहास के कुछ विषय में से मुगल दरबार और शासक से जुड़े पाठ को हटा दिया है। इनमें अब तक अकबरनामा, बादशाहनामा, पांडुलिपियों की रचना, मुगल शासक और उनका साम्राज्य, आदर्श राज्य, पदवियां, शाही नौकरशाही, शाही परिवार, सूचना तथा साम्राज्य, मुगल अभिजात वर्ग और औपचारिक धर्म के बारे में पढ़ाया जाता था।


















