₹2000 की नोट की बंदी पर विधायक सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि इस बंदी पर निम्न आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग एवं आम जनता पर इसका कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।यह काले धन पर की गई एक और स्ट्राइक है।क्योंकि बाजार से गायब हुए 2000 के नोट,बड़ी संख्या में ईड़ी और विभिन्न एजेंसियों के छापे में मिल रहे थे, जो कम स्थान घेरकर, ज्यादा काला धन इकट्ठा करने में सहायक बन रहे थे।
विधायक जी ने कहा कि आम जनता के पास अभी भी,04 महीने 10 दिन का समय है,जिसमें इन नोटों को आराम से बाजारों में चलन के माध्यम से या बैंकों में जमा करके, बिना किसी परेशानी के चिंता मुक्त रह सकते हैं।परंतु काले धन के रूप में इकट्ठा करके रखे गए इन नोटों को,बैंकों में भी जमा कराने में प्रमाण देना होगा कि यह नोट कहां से आए हैं। अर्थात काला धन बैंक में भी जमा नहीं कर पाएंगे।
विधायक जी ने कहा कि, आम जनता, यानि जनविन लोगों को 4 महीने के समय के अंदर भी, इन नोटों को जमा कराने में यदि,कोई कठिनाई आएगी,तो उसके लिए मैं अपने स्तर से, जरूरतमंद और जैनवींन लोगों के लिए,एक हेल्पलाइन नम्बर भी जारी करूंगा और उनकी पूरी मदद करूंगा।
विधायक जी ने कहा कि विपक्ष के वही लोग इस पर हल्ला मचा रहे हैं और परेशान है, जिनके पास संभवतः काले धन के रूप में यह ₹ 2000 के नोटों का बड़ा जमावड़ा होगा। अन्यथा आम आदमी को इस निर्णय से कोई दिक्कत नहीं है। क्योंकि देश के प्रधान सेवक मोदी जी, चट्टान की तरह चौकीदार बनकर, आम जनता के साथ खड़े हैं।
2000 के नोटों की बंदी के निर्णय पर प्रतिक्रिया -सुरेंद्र


















