शिक्षा व राजनीति वह चाभी है, जिससे सभी बंद दरवाजे खुलते हैं। कर्नाटक में पाल, बघेल व कुरवा समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री सिद्धरमइया को अपना नेता माना है। उत्तर प्रदेश में जब तक पाल समाज एकजुट होकर खड़ा नहीं होगा, तब तक अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाएगा। ये बातें सोमवार को राज्यसभा सदस्य विकास महात्मे ने अखिल भारतीय पाल महासभा के 31वें सम्मेलन में कहीं किदवईनगर स्थित डॉ. चिरंजीलाल राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में आयोजित सम्मेलन में विकास महात्मे ने कहा कि जब तक समाज अंबेडकर, ज्योतिबा बाई फूले, अहिल्याबाई होल्कर, पेरियार रामास्वामी नायकर के आदर्शों और विचारों को नहीं अपनाएगा, तब तक आगे नहीं बढ़ पाएगा। कार्यक्रम संरक्षक प पूर्व सांसद व सपा नेता राजाराम पाल ने कहा जिस दिन समाज देश व प्रदेश में एक व्यक्ति को नेता मानकर उसके साथ चलने को तैयार हो जाएगा। उस दिन विधायक, सांसद ही नहीं अपना मुख्यमंत्री बनाने में कामयाब होंगे अहिल्याबाई होल्कर के वंशज होने के नाते ई हमें भी एक नेता का चयन करके उत्तर प्रदेश में उदाहरण पेश करना चाहिए विशिष्ट व अतिथि सांसद सत्यदेव पचौरी ने कहा कि कपाल समाज का इतिहास गौरवशाली है। इस समाज की रग-रग में ईमानदारी व सिद्धांतवाद बसा है। कार्यक्रम को जिलाध्यक्ष राजेश पाल, प्रदेश अध्यक्ष सियाराम पाल व रामकृपाल ने भी संबोधित किया। इस दौरान 200 छात्र- छात्राओं और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित मेधावियों को सम्मानित किया गया कार्यक्रम में श्रीकांत पाल, भागीरथ पाल, दिलीप पाल, राजकुमार पाल, बसंत पाल, डीएन पाल, विधायक टुंडला प्रेमपाल धनगर, विधायक दिनेश मोहनियां व विधायक पूजा पाल आदि मौजूद रहीं।
अखिल भारतीय पाल महासभा के सम्मेलन में बोले राज्यसभा सदस्य विकास महात्मे


















