कानपुर । संस्कृत भारती कानपुर महानगर द्वारा श्री श्रीमद्भगवद् गीता जयंती के उपलक्ष्य में पंडित दीनदयाल विद्यालय सभागार नवाबगंज में गीता परायण व संस्कृत महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी मुरारी लाल अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ मुख्य अतिथि मुरारी लाल अग्रवाल द्वारा आमजन में संस्कृत भाषा के प्रचार एवं प्रसार पर संस्कृत भारती की प्रशंसा की साथ ही उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि गीता केवल हिन्दू सभ्यता को मार्गदर्शन नहीं देती यह जाति वाद से कही उपर मानवता का ज्ञान देती हैं गीता के अठारह अध्यायों में मनुष्य के सभी धर्म एवं कर्म का ब्यौरा हैं. इसमें सत युग से कल युग तक मनुष्य के कर्म एवम धर्म का ज्ञान हैं गीता के श्लोकों में मनुष्य जाति का आधार छिपा हैं. मनुष्य के लिए क्या कर्म हैं उसका क्या धर्म हैं इसका विस्तार स्वयं कृष्ण ने अपने मुख से कुरुक्षेत्र की उस धरती पर किया था उसी ज्ञान को गीता के पन्नो में लिखा गया हैं यह सबसे पवित्र और मानव जाति का उद्धार करने वाला ग्रन्थ हैं इसी क्रम में 55 बटालियन के मेजर समीर कुमार कौशिक ने संस्कृत के कार्यक्रमों पर विद्यालय स्तर पर संस्कृत द्वारा विज्ञान के प्रसार पर बल दिया अध्यक्ष अजीत अग्रवाल द्वारा संस्कृत भारती के प्रान्त में हो रहे कार्यों की जानकारी दी दक्षिण अफ्रिका से आये धर्म निष्ठ देवराज बुधवानी ने विदेशों में हो रहे धार्मिक कार्यों सहित श्री भगवद् गीता पर अपनी विवेचना दी क्षेत्रिय संगठन मंत्री देवेन्द्र पाण्डया ने प्रधानमंत्री द्वारा संस्कृत के प्रचार एवं प्रसार को रेखांकित कर संस्कृत भारती के अग्रिम कार्यक्रमों की रूपरेखा बताई वही आचार्य नरेंद्र शास्त्री द्वारा गीता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विश्व के किसी भी धर्म या संप्रदाय में किसी भी ग्रंथ की जयंती नहीं मनाई जाती हिंदू धर्म में भी सिर्फ गीता जयंती मनाने की परंपरा पुरातन काल से चली आ रही है क्योंकि अन्य ग्रंथ किसी मनुष्य द्वारा लिखे या संकलित किए गए हैं जबकि गीता का जन्म स्वयं श्री भगवान के श्रीमुख से हुआ है कार्यक्रम मे महानगर के विभिन्न गुरूकुल एवं विद्यालयों के छात्रों ने सहभागिता की कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय एवं स्वयंसेवक संघ से भवानी भीख, रामजी सहित यति सेवा संकल्प की नीतू सिंह, चन्द्र प्रकाश, डा० संध्या ठाकुर, संध्या गुप्ता, आस्था, चन्द्रभान, नरेन्द्र शास्त्री (महानगर मंत्री) डा० स्नेहा, अमरनाथ, चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी (प्रान्त मंत्री), जयनारायण शुक्ला, मनोज अवस्थी, डा० मिनी मिश्रा, ज्ञानचन्द्र अवस्थी, सुवित्तर, डा० सन्नों देवी, स्वीकृती दीक्षित, विदुर, अजीत श्रीवास्तव एवं गुरूकुल के आचार्यों आदि ने कार्यक्रम की शोभा बढाई इसके अतिरिक्त पावन गंगा सेवा संस्थान के प्रमोद द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया
संस्कृत महोत्सव का किया भव्य आयोजन


















