साहिबजादा अजीत सिंह की जयंती पर उत्तर प्रदेश सिख फाउंडेशन की ओर से कीर्तन दरबार गोविंदनगर गुरु रामदास गुरुद्वारा में मनाया गया
गुरु गोविंद सिंह जी के बड़े साहबजादे साहिबजादा अजीत सिंह जी का जन्म दिवस गुरुद्वारा गुरु रामदास गोविंद नगर में उत्तर प्रदेश सिख फाउंडेशन द्वारा कीर्तन दरबार के रूप में मनाया गया इस अवसर पर गुरु ग्रंथ साहिब जी का पाठ किया गया उपरांत गुरु कृपा जत्था द्वारा आरती की गई सेवा सिमरन की प्रधान बलजीत कौर मीनू बाबा अजीत सिंह तेरी जय होवे शब्द गायन कर संगत को निहाल किया गुरुद्वारा कीर्तन गढ़ के ट्रस्टी प्रतिपाल सिंह बिल्ला जीने देह शिवा बर मोहे हैं शुभ कर्मन से कबहूं ना टरो शब्द गायन किया इस अवसर पर तनु भाटिया डीके बग्गा हिना मोगा इंद्रजीत कौर ने अरदास हमारी तुझ आगे शब्द गायन किया ज्ञानी साहब सिंह जी ने कथा द्वारा संगत को निहाल किया इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सिख फाउंडेशन के परदेस अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह छाबड़ा ने कहा गुरु गोविंद सिंह जी के बड़े पुत्र साहब ज्यादा अजीत सिंह जी का जन्म 1687 में पांउटा साहिब में हुआ था जब वह दो माह के थे तब गुरु गोविंद सिंह ने जंग लड़ विजय हासिल की थी और अपने पुत्र का नाम अजीत सिंह रख दिया एक बार होशियारपुर के ब्राह्मण परिवार गुरु गोविंद सिंह के पास फरियाद लेकर आए कि उनकी पत्नी का वहां के शासक जावर ने अपहरण कर लिया है तब गुरु गोविंद सिंह जी ने साहिबजादा अजीत सिंह को सिख संगत के साथ भेज कर जावर पर हमला कर उस गरीब ब्राह्मण की पत्नी को उसके हवाले करवाया था साहबजादा अजीत सिंह ने चमकौर की गली में मुगलों के दांत खट्टे कर दिए थे और शहीदी प्राप्त की थी उत्तर प्रदेश से फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष र मिंदर सिंह रिंकू ने कहा 13 वर्ष की उम्र में गुरु गोविंद सिंह जी ने अपने पुत्र साहिबजादे युद्ध के मैदान में भेज दिया था कीर्तन दरबार में प्रमुख रूप से प्रदीप भाटिया हरपाल सिंह चावला जसबीर सिंह सोढ़ी रणजीत कौर मनिंदर कौर कमलप्रीत कौर राजिंदर कौर विश्वजोत अमृत कौर अमरदीप कौर आदि प्रमुख रूप से शामिल थे!


















