कानपुर। श्री 1008 श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याक प्रतिष्ठा,एवं विश्व शांति महायज्ञ बड़ा जैन मंदिर आनंदपुरी मे चल रहे कार्यक्रम में प्रवचन में मुनिश्री 108 सुधासागरजी ने कहा कि इंसान दुखी है क्योंकि सामने वाला सुखी है। इंसान की जिंदगी में दुख है पर उसे दुख देना चाहिए लेकिन दुख नहीं होना चाहिए
दुःख आने पर दुःखी ना होना चाहिए ना हाय दुःखी करना चाहिए महाराज जी ने आज का मूल मंत्र बताया कि हमें भगवान से ये प्रार्थना करनी चाहिए कि जो दुख मुझे हुआ वो इस संसार में किसी को ना हो दुश्मन के दुख को देख के खुश मत हो बल्कि दया भाव लाओ मन में कानून की कलाम भी दुख मानती है या टूटती है। जब भी किसी आदमी की फसी लिखती है हम इंसानों को मिथ्या दृष्टि नही बल्कि सम्यक दृष्टि रखनी चाहिए।
जलन की भावना नहीं आने देनी चाहिए। इस अवसर पर महेंद्र कटारिया, संजीव जैन नेता जी, प्रदीप जैन तिजारा, डॉक्टर अनूप जैन, आमोद जैन,अनिल जैन, संजय जैन मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसमें महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया आगामी 17 फरवरी से 22 फरवरी तक बृजेंद्र स्वरूप पार्क बेनाझाबर कानपुर में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव गुरुदेव के द्वारा संपन्न किया जाएगा।
इंसान दुखी है क्योंकि सामने वाला सुखी है:मुनिश्री सुधासागर जी


















