कानपुर नगर। अति पावन पर्व सनातन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व श्रावणी उपाकर्म श्रावण मास की श्रावणी पर अटल घाट मां गंगा के गोद में कानपुर महानगर के विद्वानों एवं द्विजों के साथ ज्योतिषाचार्य नरेंद्र शास्त्री ने भी श्रावणी उपाकर्म आचार्य अवधेश जी के साथ में संपादित किया। जिसमें पंचगव्य पान गोबर से स्नान मृतिका से स्नान कुश से स्नान दूर्वा से स्नान अपामार्ग से स्नान गायत्री जप संध्या सप्तॠषियों का पूजन हवन इत्यादि के साथ संपादित किया एवं विप्रो समाज के हेतु यज्ञ पवित्र का भी पूजन किया। साथ ही लोगों को यज्ञोपवीत भी बांटे। पंडित नरेंद्र शास्त्री ने बताया कि द्विज को उपक्रम अवश्य ही करना चाहिए, उपक्रम में कई पापों से प्रायश्चित के लिए संकल्प होता है एवं 15 देवी देवताओं की प्रतिष्ठा यज्ञोपवीत में होती है उसको धारण करने से द्विज और भी पवित्र हो जाता है। साल भर पहनने के हेतु यज्ञोपवीत का पूजन श्रावणी वाले दिन ही होता है, शास्त्रों में यहां तक लिखा है, की जो ब्राह्मण श्रावणी नहीं करता, उसके हाथ का पानी नहीं पीना चाहिए।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट



















