संत आसाराम द्वारा प्रेरित युवा सेवा संघ ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें पहले दिन झंडारोहण कर आजादी के योद्धाओं को याद किया। संघ के सौरभ चौरसिया ने बताया कि दूसरे दिन संतो के लिए प्रार्थना की गई। भारत संतो का देश है। पूर्व में स्वामी रामतीर्थ, रविन्द्र नाथ टैगोर, लीलाशाहजी महाराज, रमण महऋषि और अरविंद घोष जैसे संतो से प्रेरणा पाकर सुभाष चंद्र बोस, चन्द्र शेखर आजाद, महात्मा गांधी सरदार पटेल, वीर सावरकर जैसे अनेको देश भक्तों ने स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देश को स्वतंत्रता दिलाई । संतो ने सदैव राष्ट्र व संस्कृति की रक्षा में सर्वस्व समर्पित किया है इसलिए विघटनकारी और देश विरोधी ताकतों के निशाने पर सदैव हिन्दू संत ही होते है, देश में तेजी से हो रहे धर्मांतरण को रोकने के कारण ही आज संत आसाराम बापू को एक झूठे व बनावटी केस में फंसाया गया है। प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना की गई की आसाराम बापू को झूठे आरोपों से मुक्ति मिले। तीसरे दिन कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए निशुल्क मास्क वितरण किए गए। कार्यक्रम में रमेश चंदवानी, वीरेंद्र यादव, कपिल बाजपेई, शिव कुमार आदि युवा सम्मिलित हुए।
युवा सेवा संघ द्वारा झंडारोहण कार्यक्रम हुआ


















