कानपुर – उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 सितंबर से सड़कों की मरम्मत व गड्ढा मुक्ति अभियान प्रारंभ किए जाने का निर्देश दिया था। सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत करके गड्ढा मुक्त का कार्य 15 नवम्बर तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया था। वही कानपुर की सड़कों व पुलों के देखकर गढ्ढामुक्त अभियान पर एक नया सवाल खड़ा हो रहा है। आयेदिन सत्ता के बड़े – बड़े मंत्रियो का जाजमऊ पुल से आवागमन बना रहता है उसके बावजूद पुल को नजरअंदाज कर रखा है। हाल मे उपमुख्यमंत्री केशव प्रशाद मौर्य ने भी इन्ही गढ्ढो से आवागमन किया था।
जाजमऊ के गंगा के दोनों पुलों की हालत खस्ताहाल हो चुकी है। हर एक कदम पर बड़े बड़े गढ्ढे जहा से दो पहिया व चार पहिया वाहन वाहनों के लिए घातक बन चूका है। कुछ गढ्ढे एक से डेढ़ फिट के हो गए है। गढ्ढो से चारपहिया वाहन निकालते समय निचला हिसा लड़ जाता है। कई जगह सरिया की छड़े निकली हुई हैं जिससे वाहनों के टायर फट जाते है। इतना ही नहीं तीन दिनों तक लगातार हो रही बरसात मे कई दोपहिया वाहन वाले गढ्ढो मे गिरकर चोटहिल हो चुके है और कुछ वाहन गढ्ढो के बगल से निकालते समय क्षतिग्रस्त हो गए। गंगा के दोनो पुल से गुजरना राहगीरो के लिए काल बन चूका है। बड़े – बड़े गढ्ढे होने के कारण भारी वाहन रेंग रेंगकर गुजर रहे है जिससे जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।
कानपुर से मोहम्मद नईम की रिपोर्ट


















