पुलिस कमिश्नरी होने के बाद भी पुलिस अपनी हरकतों से नहीं सुधर रही है ।जहां पुलिस कमिश्नर आसिम अरुण दिन रात पुलिस की छबी सुधारने के लिए प्रयास कर रहे हैं जिसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया है। लेकिन उस सम्मान पर बट्टा लगाने का काम शहर के पुलिस की नुमाइंदे कर रहे। कुछ कल्याणपुर का मामला सामने आया जहां पारिवारिक विवाद के मामले में श्रीमान रामनरेश सिंह रिपोर्ट लगाने के नाम पर पीड़ित पर दबाव बनाया और जब पीड़ित नहीं मिला तो पीड़ित के साथी अजय को पकड़कर दारु के ठेके पर बैठा लिया और जब तक रू0 5000 रिपोर्ट के नाम पर नहीं दोगे तब तक नहीं छोड़ेंगे। पीड़ित का साथी अजय हाथ पैर जोड़ता रहा श्रीमान पुलिस जी के लेकिन पुलिस तो अपनी वर्दी के नशे में चूर थी और उससे जबरजस्ती पैसे लेकर ठेके से दारु पीकर टल्ली हो गए। फिर क्या था श्रीमान पुलिस रामनरेश सिंह अपने आप को शहर का पुलिस कमिश्नर समझने लगे और सड़क पर ही नशे बाजी शुरु हो गई। और कह रहे थे थोड़ी सी जो पी ली है चोरी तो नहीं की है। देखने वाले राहगीर निकलते निकलते हंस रहे थे और कह रहे थे वही योगी सरकार यह खाकी वर्दी वाले तो बेवड़ो से बदत्तर है। अब इन साहब रामनरेश सिंह को रिपोर्ट लगाने के नाम पर रू0 5000 मिलने चाहिए या इनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही होनी चाहिए जिससे पुलिस और योगी सरकार की छवि सुधर सके।
रिपोर्ट लगाने के नाम पर मांगे रू0 5000


















