कानपुर, बिल्हौर घाटमपुर न्यायिक क्षेत्राधिकार वापस लाओ संघर्ष समिति की बैठक समिति कार्यालय में दोनों तहसीलों के न्यायिक क्षेत्राधिकार को नगर में जोड़े जाने के गजट का शीघ्र क्रियान्वयन करा आर0सी0ए जाने के विषय में हुई ।बैठक में बोलते हुए संयोजक पं रवीन्द्र शर्मा ने बताया कि बिल्हौर घाटमपुर के न्यायिक क्षेत्राधिकार को माती कानपुर देहात से वापस कानपुर नगर लाने हेतु 23 नवंबर 2013 को संघर्ष समिति की स्थापना हुई थी वर्षों चले आंदोलन के दौरान संघर्ष समिति ने धरना दिए प्रदर्शन किए भूख हड़ताल की जल सत्याग्रह किया न्याय अधिकार यात्रा निकालने के साथ तमाम आंदोलन किए और महामहिम राज्यपाल मुख्यमंत्री उप मुख्यमंत्री कानून मंत्री कैबिनेट मंत्रियों राज्य मंत्रियों सांसदों व विधायकों सहित राजस्व परिषद के चेयरमैन आदि से मिल उन्हें ज्ञापन दिए और उन्हें वाद कारियो एवं अधिवक्ताओं को माती जाने आने में प्रतिदिन 220 से 240 किलोमीटर की कई वाहन बदलकर करने वाली दुरूह यात्रा की कठिनाइयों और वैधानिक स्थिति आदि से अवगत कराया अतः वर्षों चले आंदोलन की जीत हुई और 14 जून 2019 को महामहिम राज्यपाल ने राजाज्ञा (गजट )जारी कर दोनों तहसीलों के न्यायिक क्षेत्राधिकार को वापस कानपुर नगर में जोड़ दिया ।प्रमुख रूप से एस के सचान कान्त मिश्रा मो कादिर खा सर्वेश त्रिपाठी अश्वनी आनंद संजीव कपूर मो तौहीद आंनद सेठी दानिश कुरैशी आनंद गौतम आयुष शुक्ला मधुबन थरेज शैलेश त्रिवेदी अंसार अहमद हरप्रीत सिंह मोहित शुक्ला इमरान जरदारी शाहिद जमाल के के यादव आदि रहे।
गजट के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु बिल्हौर घाटमपुर संघर्ष समिति का विशाल प्रदर्शन 23 नवम्बर को


















