कानपुर| सीजनल संग्रह अनुसेवकों को लम्बे संघर्ष के बाद नियमित नियुक्ति मिलेगी| शासन ने इनको आयु सीमा शिथिलता प्रदान कर दी है| ज्ञात हो की 2019 में 52 सीजनल संग्रह अनुसेवको का विनियमितिकरण हुआ था| जिसमे 47 अनुसेवक 45 वर्ष से ऊपर थे और उनकी नियुक्ति आयु सीमा अधिक होने के कारण नहीं हो सकी थी और आयु सीमा शिथिलता के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने आयु सीमा शिथिलता का प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया है| जिसमे दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी है और 6 सेवानिवृत हो गये है। पीछले ढाई वर्ष से राजस्व संग्रह सीजनल अमीन कर्मचारी सेवक वेलफेयर एसोसिएशन इनकी आयु सीमा शिथिलता के लिए संघर्ष कर रहा था| सीजनल संग्रह अमीनो व अनुसेवकों के विनियमितिकरण व आयु सीमा शिथिलता न होने पर प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह व विधानसभा पर प्रदर्शन की घोषणा किया था| जिसके बाद अपर मुख्य सचिव राजस्व मनोज कुमार सिंह ने 9 नवम्बर को वार्ता के लिये बुलाया था| जिसमें प्रदेश महामंत्री दीपक भारद्वाज ने आयु सीमा शिथिलता, विनियमितिकरण व सम्पूर्ण समायोजन की बात रखी थी| अपर मुख्य सचिव के आस्वाशन के क्रम में आयु सीमा शिथिलता देने की प्रक्रिया शुरू हुयी है और प्रदेश के सभी सीजनल अमीनो व अनुसेवकों के विनियमितिकरण की पत्रावली शासन स्तर पर चल रही है।
लम्बे संघर्ष के बाद 47 में से 39 सीजनल संग्रह अनुसेवकों को मिलेगी नियमित नियुक्ति 6 हो गये है ओवर एज, 2 की हो गयी है मृत्यु


















