कानपुर के बिकरु गांव में बीती 2 जुलाई की रात में हुई 8 पुलिस कर्मियों की हत्या मामले में आज एसटीएफ उत्तर प्रदेश द्वारा कानपुर में एक और खुलासा किया गया । इस घटना में मृतक अभियुक्त विकास दुबे व उसके साथियों को घटना के बाद में शरण देने वाले व उनको फरार कराने वाले व उनके असलाह व कारतूसों को क्रय विक्रय करने वाले व पास में रखने वाले 7 अभियुक्तों को असलाह व कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है ।
इनके पास से एस टी एफ ने एक सेमी ऑटोमेटिक रायफल , 9 एम एम अवैध कार्बाइन , एक अवैध रिवाल्वर , एक अवैध एस बी बी एल बंदूक 12 बोर , 2 अवैध तमंचा 315 बोर , 42 अदद 30.06 बोर रायफल के जिंदा कारतूस , 40 अदद .32 बोर रिवाल्वर के जिंदा कारतूस , 2 ए के 47 के रायफल के जिंदा कारतूस , 4 कारतूस .32 बोर
पिस्टल के जिंदा सहित कई कारतूस बरामद किये है । साथ ही विकास दुबे का एप्पल आईफोन , अमर दुबे का फोन , प्रभात मिश्र का फोन , एक ओमनी कार व दो लाख पांच हजार रुपये बरामद किया गया है ।
विकास दुबे कानपुर वाला सुनते ही आपके जहन में कानपुर के बिकरु काण्ड आपको जरूर याद आता होगा । विकास दुबे के खात्मे के बाद पुलिस ने असलहों की बरामदगी का दावा करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजने का दावा किया था ,लेकिन आज एसटीएफ की टीम ने मीडिया के सामने मुखातिब होते हुए इस चर्चित बिकरु काण्ड से संबंध रखने वाले सात और लोगो की गिरफ्तारी के साथ हथियारों का जखीरा भी बरामद किया है, एसटीएफ का दावा है कि बिकरु काण्ड में विकास दुबे को सुरक्षित यहाँ से भगाने में इन सात लोगो की अहम भूमिका रही है ।
यूपी के कानपुर में चर्चित पुलिस नरसंघार यानी बिकरु काण्ड एक बार फिर चर्चा में है, यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने कानपुर से विकास दुबे के सात मददगारों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है । वही गिरफ्तार हुए इन लोगो के पास से भारी मात्रा में असलहों का जखीरा भी मिला है ।
एसटीएफ के दावा है कि 8 पुलिस वालों को मौत के घाट उतारने के बाद विकास दुबे को घटना के बाद इन्ही लोगो ने दो दिनों तक कानपुर देहात स्थित अपने घर मे शरण दी थी ,जिसके बाद उसे औरैया तक इनलोगो ने छोड़ा था, जहां से विकास दुबे,अमर दुबे व प्रभात मिश्रा फरीदाबाद निकल गए थे । जहाँ पुलिस को चकमा देते हुए विकास दुबे व अमर दुबे निकल गए थे, और प्रभात मिश्रा को फरीदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था ।
एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद विकास दुबे ,अमर दुबे और प्रभात मिश्रा तीनो लोग बिकरु गाँव से निकल कर कानपुर देहात के शिवली इलाके में पहुँचे जहाँ प्रभात मिश्रा ने अपने दोस्त राधे कश्यप को कॉल किया ,जिसके बाद राधे कश्यप अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से रात में ही इन तीनो लोगो को कानपुर देहात के ही रसूलाबाद इलाके में अपने मकान के तलघर में दो दिनों तक रखा ।
5 जुलाई 2020 को ओमिनी कार से विकास दुबे , अमर दुबे और प्रभात मिश्रा तीनो कानपुर देहात के रसूलाबाद इलाके से औरैया जिले में पहुँचे जहाँ से तीनो फरीदाबाद गए । फरीदाबाद में प्रभात मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया था, और विकास दुबे और अमर दुबे पुलिस को चकमा देकर वहाँ से निकल गए थे । एसटीएफ ने विकास दुबे का iphone , अमर दुबे का सैमसंग मोबाइल व प्रभात मिश्रा का oppo मोबाइल भी बरामद किया है, साथ ही एसटीएफ ने पकड़े गए इन सातों आरोपियों के पास से भारी मात्रा में असलहों की बरामदगी भी की है ।
बरामद असलहों में ,
एस टी एफ ने
एक सेमी ऑटोमेटिक रायफल
9 एम एम अवैध कार्बाइन
एक अवैध रिवाल्वर
एक अवैध एस बी बी एल बंदूक 12 बोर
2 अवैध तमंचा 315 बोर
42 अदद 30.06 बोर रायफल के जिंदा कारतूस
40 अदद .32 बोर रिवाल्वर के जिंदा कारतूस
2 ए के 47 के रायफल के जिंदा कारतूस
4 कारतूस .32 बोर
20 कारतूस 7.62 mm
25 कारतूस 12 बोर
1 कारतूस 38 बोर
7 राइफल चार्जर 30.06 बोर
एक ओमनी कार
दो लाख पांच हजार रुपये बरामद किया गया है
एसटीएफ एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि जनवरी 2021 में पकड़े गए संजय परिहार , टिंकू व अमन शुक्ला ने एक स्प्रिंग फील्ड TBBL 12 बोर राइफल भिण्ड इलाके में किसी को बेच दी है ,जिसकी रिकवरी के लिए एसटीएफ की टीम काम कर रही है । जो असलहे इन लोगो ने बेच दिए थे ,उसके अलावा कुछ असलहों को ये बेचना चाहते थे, जिसकी वजह से इन लोगो को कानपुर के पनकी इलाके से गिरफ्तार किया गया है । विकास दुबे का गैंग उसके मरने के बाद स्टैब्लिस न हो इसके लिए एसटीएफ और कानपुर पुलिस पूरी तरह ऐक्टिव है ।
विकास दुबे का सोशल मीडिया पर महिमामंडन लगातार जारी है और पुलिस सोशल मीडिया पर विकास दुबे का महिमा मंडन करने वाले लोगो पर कोई कार्यवाही नही कर रही है ,इस सवाल पर अमिताभ यश ने किनारा काटते हुए कहा कि इस मामले में मीडिया को लोगो को जागरूक करना होगा ।
अमिताभ यश ने विकास दुबे के मरने के पहले दिए गए बयानों को गलत और झूठा करार देते हुए कहा कि विकास दुबे और प्रभात मिश्रा दोनों पुलिस को धोखा देते है ,आये है और विकास दुबे के एनकाउंटर से पहले दिए गए बयान पूरी घटना से कही भी मेल नही खाते है इसलिए विकास दुबे के सभी बयान गलत थे ।



संवाददाता:- आनंद शर्मा।


















