Advertisement

मुनि श्री सुप्रभसागर जी महाराज ससंघ की मड़ावरा में हुई भव्य अगवानी

मड़ावरा, ललितपुर। आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री सुप्रभसागर जी महाराज , मुनि श्री प्रणतसागर जी महाराज रविवार को गिरारगिरी से पद विहार करते हुए मड़ावरा पहुँचे। रात्रि विश्राम गिदवाहा करने के बाद सुबह मड़ावरा के लिए पद विहार हुआ।मड़ावरा पहुँचने पर नगर सीमा पर गाजे बाजे के साथ भव्य अगुवानी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भक्ति के साथ की। रास्ते में श्रद्धालु जयकारा करते हुए चल रहे थे। इतनी कड़ाके की ठंड में मुनि श्री के पद विहार देखकर श्रद्धालु उनकी कठोर साधना देखकर नतमस्तक हो उठे।महावीर विद्या विहार पहुँचने पर जैन समाज द्वारा मुनिद्व्य का पाद प्रक्षालन व आरती उतार कर स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने इस दौरान अपने अपने दरवाजे पर भी पाद प्रक्षालन और आरती उतारी । मुनिश्री की अगवानी के लिए सुंदर रंगोली सजाई गई।
इस अवसर पर मुनि श्री सुप्रभसागर जी महाराज ने अपने संबोधन में श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि जहां भक्तों की भक्ति होती है वहाँ संतों का समागम होता है । उन्होंने कहा कि पानी भी ढलान पर ही बहता है आपकी भक्ति का ही चमत्कार है कि बार बार मुनियों को मड़ावरा की धरती से गुजरना पड़ता है जो बीज पूर्व में बोए गए वह आज की आगवानी में फलता फूलता दिख गया।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन नहीं अंदर के दर्शन में जियो। अपने आत्म द्रव्य को पहचानो। दूसरों को नहीं स्वयं को देखो।रूप और स्वरूप में भेदभाव नहीं भेद विज्ञान करो।
इस अवसर पर स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य, जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल रहे।
डॉ सुनील संचय ने बताया कि मुनिद्व्य का पद विहार बानपुर में होने जा रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए चल रहा है। वे परासिया, छिंदवाड़ा से निरंतर पद विहार करते हुए यहाँ पहुँचे है।

मु0 जाकिर मंसूरी
जिला ललितपुर

WhatsApp Image 2023-11-24 at 3.32.09 PM
WhatsApp Image 2025-12-26 at 18.39.14
nsingh